Mother Jailed for Daughter Rapist Murder: कहते हैं मां भगवान का दूसरा रूप होती है। वह अपने बच्चे के लिए कुछ भी कर सकती है। जान दे सकती है, किसी की जान ले भी सकती है। ऐसा ही एक वाकया हम आपको सुनाते हैं, जिसके बारे में जानकर आपका दिल दहल जाएगी, लेकिन आंखें भी नम हो जाएंगी।
एक मां का दर्द गुस्सा बनकर ऐसा फूटा कि उसने अपनी बेटी के बलात्कारी को जिंदा जला दिया, क्योंकि पुलिस ने उसे समय से पहले रिहा कर दिया था। इतना ही नहीं, उसे अपने किए का पछतावा भी नहीं था। वहीं इस हत्याकांड के लिए उस मां को पुलिस ने 9 साल की सजा भी सुनाई, लेकिन जेल में रहकर वह सदमे में चली गई। उसकी हालत को देखते हुए परिवार की अपील पर उसकी सजा 9 साल से घटाकर साढ़े 5 साल कर दी गई। अगले साल उसे रिहा किया जा सकता है।
चाकू की नोक पर किया था बलात्कार
मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, घटना स्पेन की है। बेटी के बलात्कारी को जिंदा जलाने वाली मां का नाम मारिया डेल कारमेन गार्सिया है और जिसे उसने जिंदा जलाया, उसका नाम एंटोनियो कॉस्मे है। कॉस्मे ने उसकी बेटी वेरोनिका से साल 1998 में चाकू की नोक पर बलात्कार किया था। इस जुर्म के लिए उसे 9 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
जून 2005 में जब उसे रिहा किया गया तो वह बेशर्मी से खुलेआम घूमने लगा। वह मारिया से बस स्टॉप पर टकरा और उसने मारिया की चोट पर नमक छिड़कते हुए पूछा कि उसकी बेटी कैसी है? इस दौरान वह हंस रहा था। उसकी हंसी देखकर मारिया को गुस्सा आ गया। इसलिए जब कॉस्मे अपने परिवार के साथ बार में गया तो वह पेट्रोल लेकर बार में पहुंची और कॉस्मे पर छिड़ककर आग लगा दी, जिसमें वह करीब 90 प्रतिशत झुलस गया।
उसकी कहानी सुनकर समर्थन में आए लोग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉस्मे में अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं उसे जिंदा जलाने वाली मारिया बंदरगाह के पास बुरी हालत में मिली। पुलिस पूछताछ में उसने अपना कृत्य कबूल कर लिया। उसने दावा किया कि उसका इरादा उसे डराना या गंभीर रूप से चोट पहुंचाना था, ताकि वह उसकी बेटी के दर्द को थोड़ा-बहुत समझ सके, न कि उसे मारना था, लेकिन हत्या के लिए उसे साढ़े 9 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन पीड़ित मां के समर्थन में राष्ट्रीय स्तर पर उसके समर्थकों ने आवाज उठाई। उसे जेल जाने से रोकने के लिए संघर्ष किया। उसके साथ हुई घटना ने सार्वजनिक आक्रोश को जन्म दिया।
अब पीड़िता को रिहा करने की तैयारी
याचिकाओं पर हजारों हस्ताक्षर हुए, क्योंकि मेडिकल रिकॉर्ड से पता चला कि वह गंभीर अवसाद और चिंता से जूझ रही थीं। कई अपीलें दायर की गईं। स्पेन की ईस्टर क्षमा परंपरा में शामिल करने की भी अपील की गई। साल 2011 में, एक वर्ष और 10 दिन जेल में बिताने के बाद, न्यायालय ने उसकी सजा को क्षमादान का आवेदन लंबित रहने तक स्थगित कर दिया। जैसे कि उसका आपराधिक रिकॉर्ड से साफ था कि अपराध के समय वह पागल थी। फिर भी मारिया की आज़ादी ज़्यादा दिन नहीं टिकी। साल 2013 में उसे पुलिस ने फिर पकड़ लिया। अब उसे अगले साल रिहा किया जा सकता है।