ईरान की शर्तों-धमकी और रियाद में हूती अटैक से एक्शन में आए डोनाल्ड ट्रंप, वीकेंड ट्रिप छोड़ लौटे व्हाइट हाउस
middle east war
Edited By Khushbu Goyal

ईरान और हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण अमेरिका पर दबाव बढ़ने लगा है. (Credit-ANI)
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ईरान और हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण अमेरिका पर दबाव बढ़ने लगा है. (Credit-ANI)
मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष और ज्यादा गहरा सकता है, क्योंकि ईरान और हूती विद्रोहियों ने तनाव को बढ़ा दिया है. एक ओर हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमले किए हैं, दूसरी ओर ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रख दी हैं और शर्तें नहीं मानने पर निर्णायक जंग के लिए तैयार रहने की धमकी दी है. दोनों घटनाक्रमों के बाद अमेरिका एक्शन मोड में आ गया और राष्ट्रपति ट्रंप अपना वीकेंड ट्रिप बीच में छोड़कर वाशिंगटन में व्हाइट हाउस लौट आए हैं. साथ ही अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने राजनयिक मिशनों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. अमेरिकी सेना भी तैयार हो गई है और B-1B लांसर लॉन्ग रेंज बॉम्बर ब्रिटेन के RAF फेयर फोर्ड एयरबेस से निकल चुका है.
#WATCH | Washington DC: US President Donald Trump returned abruptly to the White House from Camp David on Saturday evening, amid heightened tensions and ongoing developments surrounding the conflict with Iran.
— ANI (@ANI) September 20, 2026
(Source: US Network Pool Via Reuters) pic.twitter.com/Xc3As2xflo
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार शाम को कैंप डेविड से व्हाइट हाउस लौटे. उन्होंने अपना वीकेंड ट्रिप बीच में खत्म करके काम पर लौटने का फैसला किया. क्योंकि ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत का प्रस्ताव और 7 शर्तें रखी हैं और डोनाल्ड ट्रंप से जवाब मांगा है. वहीं सऊदी अरब और ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों में भी टकराव गहरा गया है. इसलिए अमेरिका पर दबाव बढ़ गया है और ट्रंप दोनों के खिलाफ एक्शन ले सकते हैं. सऊदी अरब ने अमेरिका से मदद मांगी है. लेकिन अब क्योंकि जंग की आग रियाद तक पहुंच गई है, इसलिए अमेरिका की सेना एक्शन में आ गई है और ब्रिटेन के RAF फेयर फोर्ड एयरबेस पर गतिविधियां शुरू हो गई हैं. B-1B लांसर लॉन्ग रेंज बॉम्बर वहां से निकल चुका है.
बता दें कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने की पहल की है और समझौता करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. साथ ही मांगें नहीं मानने पर निर्णायक जंग लड़ने की धमकी दी है. ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने अल जजीरा को इंटरव्यू में बताया कि अमेरिका के साथ हुए समझौते की समयसीमा खत्म हो गई है और कतर के जरिए नया प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तक पहुंचा दिया गया है. अब ईरान को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का है. शर्तों के अनुसार, अमेरिका को सभी मोर्चों पर लड़ाई खत्म करनी होगी, फ्रीज फंड जारी करने होंगे और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करनी होगी. अगर इस बार अमेरिका ने शर्तों को स्वीकार नहीं करना तो निर्णायक युद्ध के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि ईरान का रूख स्पष्ट है कि घुटने नहीं टेके जाएंगे.
The U.S. Department of State Consular Affairs has issued a comprehensive Security Alert for the Middle East, urging American citizens currently in the region to exercise heightened vigilance due to complex security environments and the potential for unforeseen escalation.
— ANI (@ANI) September 19, 2026
In its… pic.twitter.com/atcRYLCMju
बता दें कि US डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कॉन्सुलर अफेयर्स ने मिडिल ईस्ट के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. जिसके तहत खाड़ी देशों में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे तनाव बढ़ने की आशंका से सतर्क रहें. फ्लाइट कैंसिलेशन, हवाई क्षेत्र की बंदी और सुरक्षित यात्रा में आने वाली रुकावटों के बारे में अपडेट रहें. दुनियाभर में बसे अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट की यात्रा करने से बचें. जो लोग कामकाज से आते-जाते हैं, उन्हें एयरपोर्ट और एयरलाइंस के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. क्योंकि ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले संगठन दुनियाभर में बसे अमेरिकियों या अमेरिका से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं, इसलिए अमेरिकियों को सतर्क रहना होगा और किसी भी तरह की आपात स्थिति में एंबेसी से संपर्क करना होगा.
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