ईरान की शर्तों-धमकी और रियाद में हूती अटैक से एक्शन में आए डोनाल्ड ट्रंप, वीकेंड ट्रिप छोड़ लौटे व्हाइट हाउस

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ईरान और हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण अमेरिका पर दबाव बढ़ने लगा है. (Credit-ANI)

मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष और ज्यादा गहरा सकता है, क्योंकि ईरान और हूती विद्रोहियों ने तनाव को बढ़ा दिया है. एक ओर हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमले किए हैं, दूसरी ओर ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रख दी हैं और शर्तें नहीं मानने पर निर्णायक जंग के लिए तैयार रहने की धमकी दी है. दोनों घटनाक्रमों के बाद अमेरिका एक्शन मोड में आ गया और राष्ट्रपति ट्रंप अपना वीकेंड ट्रिप बीच में छोड़कर वाशिंगटन में व्हाइट हाउस लौट आए हैं. साथ ही अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने राजनयिक मिशनों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. अमेरिकी सेना भी तैयार हो गई है और B-1B लांसर लॉन्ग रेंज बॉम्बर ब्रिटेन के RAF फेयर फोर्ड एयरबेस से निकल चुका है.

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ईरान और हूती विद्रोहियों के खिलाफ ले सकते एक्शन

मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार शाम को कैंप डेविड से व्हाइट हाउस लौटे. उन्होंने अपना वीकेंड ट्रिप बीच में खत्म करके काम पर लौटने का फैसला किया. क्योंकि ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत का प्रस्ताव और 7 शर्तें रखी हैं और डोनाल्ड ट्रंप से जवाब मांगा है. वहीं सऊदी अरब और ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों में भी टकराव गहरा गया है. इसलिए अमेरिका पर दबाव बढ़ गया है और ट्रंप दोनों के खिलाफ एक्शन ले सकते हैं. सऊदी अरब ने अमेरिका से मदद मांगी है. लेकिन अब क्योंकि जंग की आग रियाद तक पहुंच गई है, इसलिए अमेरिका की सेना एक्शन में आ गई है और ब्रिटेन के RAF फेयर फोर्ड एयरबेस पर गतिविधियां शुरू हो गई हैं. B-1B लांसर लॉन्ग रेंज बॉम्बर वहां से निकल चुका है.

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ईरान ने अमेरिका के सामने रखा बातचीत का प्रस्ताव

बता दें कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने की पहल की है और समझौता करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. साथ ही मांगें नहीं मानने पर निर्णायक जंग लड़ने की धमकी दी है. ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने अल जजीरा को इंटरव्यू में बताया कि अमेरिका के साथ हुए समझौते की समयसीमा खत्म हो गई है और कतर के जरिए नया प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तक पहुंचा दिया गया है. अब ईरान को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का है. शर्तों के अनुसार, अमेरिका को सभी मोर्चों पर लड़ाई खत्म करनी होगी, फ्रीज फंड जारी करने होंगे और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करनी होगी. अगर इस बार अमेरिका ने शर्तों को स्वीकार नहीं करना तो निर्णायक युद्ध के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि ईरान का रूख स्पष्ट है कि घुटने नहीं टेके जाएंगे.

मिडिल ईस्ट के लिए अमेरिका का सुरक्षा अलर्ट जारी

बता दें कि US डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कॉन्सुलर अफेयर्स ने मिडिल ईस्ट के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. जिसके तहत खाड़ी देशों में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे तनाव बढ़ने की आशंका से सतर्क रहें. फ्लाइट कैंसिलेशन, हवाई क्षेत्र की बंदी और सुरक्षित यात्रा में आने वाली रुकावटों के बारे में अपडेट रहें. दुनियाभर में बसे अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट की यात्रा करने से बचें. जो लोग कामकाज से आते-जाते हैं, उन्हें एयरपोर्ट और एयरलाइंस के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. क्योंकि ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले संगठन दुनियाभर में बसे अमेरिकियों या अमेरिका से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं, इसलिए अमेरिकियों को सतर्क रहना होगा और किसी भी तरह की आपात स्थिति में एंबेसी से संपर्क करना होगा.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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