मिडिल ईस्ट में फिर महायुद्ध छिड़ने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि सितंबर का महीना शुरू होते ही अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर हमला हो गए हैं. अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई शहरों में IRGC के ठिकानों पर हमले किए हैं. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अरब देशों जॉर्डन और बहरीन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे. वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी कि बदला लेने की सोचना भी मत, इससे और ज्यादा बढ़ा हमला होगा. तेहरान ने इस धमकी का जवाब देते हुए कहा कि ईरान पर हमले करने के लिए अमेरिका और ट्रंप को पछताना पड़ेगा.

मिडटर्म चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप को झटका! भारतीय-अमेरिकियों के बीच पॉपुलैरिटी हो रही कम, सर्वे में सामने आई बड़ी बात

---विज्ञापन---

जॉर्डन में एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

अमेरिका के हमलों कर जवाब देते हुए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है. ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से अटैक किया. लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगर को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गईं. हमले में ड्रोन नष्ट हो गए और अमेरिका के कई कर्मचारी मारे गए. वहीं मफराक शहर में रॉकेटों को इंटरसेप्ट किया गया. हालांकि मिसाइल अटैक से हैंगर में आग लग गई, लेकिन अमेरिका या जॉर्डन ने हमले से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है.

अमेरिका ने किया था IRGC के ठिकानों पर हमला

बता दें कि ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में हमले किए हैं. मंगलवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने केश्म द्वीप, सिरिक, चाबहार बंदरगाह, बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में बमबारी की. जास्क और सिरिक में जोरदार धमाके हुए और जिरोफ्ट में हवाई अड्डे पर हमला हुआ. होर्मोजगान स्टेट में सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में एक शादी समारोह में मिसाइल गिरी, जिससे लगी आग में बच्चे समेत 4 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए. IRGC के एयर डिफेंस साइट, रडार सिस्टम, समुद्री माइन बिछाने के तरीकों और संचार केंद्रों को निशाना बनाया.

---विज्ञापन---

अमेरिका पर ईरान का पलटवार, लारक द्वीप पर हमले के जवाब में जॉर्डन में US मिलिट्री बेस को बनाया निशाना

समुद्री टैंकरों पर ईरान के हमले से भड़का अमेरिका

सोमवार को ईरान ने समुद्री खदानों के जरिए होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे 2 टैंकरों को निशाना बनाया. इसके जवाब में अमेरिका ने IRGC के 2 मिसाइल लॉन्चरों पर हमला किया, जिनके जरिए ईरान समुद्र में माइन बिछाने की तैयारी कर रहा था. इस हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करके नुकसान पहुंचाया. इस नुकसान का बदला लेते हुए अमेरिका ने IRGC के कई शहरों में बमबारी की. मिडिल ईस्ट में 50000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो ईरान पर हमला करने के लिए तैयार हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी नए प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी.

---विज्ञापन---

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान ने अमेरिका के हमलों का बदला लिया तो पहले से और ज्यादा बड़े हमले अमेरिकी सेना करेगी. वहीं IRGC ने भी धमकी दी है कि अमेरिका को अपनी जिद के लिए पछताना पड़ेगा

---विज्ञापन---