99 साल की सजा, खौफनाक मौत मिली; Gandhi of America का मर्डर किया, जांच में निकला बेकसूर!

Martin Luther King Junior Murderer Memoir: मार्टिन लूथर किंग जूनियर को सरेआम गोलियां मारी। 99 साल की जेल हुई और खौफनाक मौत मिली। आज के दिन जन्मा था वो शख्स, जिसकी सारी उम्र की जेल में निकली, लेकिन मर्डर केस की जांच में वह बेकसूर निकला था, क्योंकि मार्टिन की हत्या करने का दावा किसी और ने किया था।

James Earl Ray, Martin Luther King Junior

James Earl Ray, Martin Luther King Junior

Martin Luther King Junior Murderer Story: ‘अमेरिका के गांधी’ की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी। कोर्ट ने आरोपी को 99 साल की सजा सुनाई। जेल जाने के बाद एक शख्स ने मर्डर को लेकर चौंकाने वाला दावा किया तो केस की दोबारा से जांच की गई, जिसमें दोषी बेकसूर निकला, फिर भी उसकी सारी जिंदगी जेल में कटी।

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आखिरी सांस तक उसने नरक से भी बदतर जिंदगी काटी और जब उसका आखिरी वक्त आया तो उसे इतनी खौफनाक मौत मिली कि हाल देखने वालों की रूह कांप गई। ये कहानी है उस शख्स जेम्स अर्ल रे (James Earl Ray) की, जिसने आज से 56 साल पहले 4 अप्रैल 1968 को मानव अधिकार कार्यकर्ता और अमेरिका के गांधी कहे जाने वाले मार्टिन लूथर किंग जूनियर (Martin Luther King Junior) का मर्डर किया था। आइए जानते हैं जेम्स की जिंदगी के बारे में…

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रेस्टोरेंट मालिक ने किया हत्या की साजिश रचने का दावा

4 अप्रैल 1968 मार्टिन लूथर किंग जूनियर किंग मेम्फिस, टेनेसी शहर में मानव अधिकार रैली के लिए गए थे। लोरेन मोटल होटल की दूसरी मंजिल पर अपने कमरे की बालकनी में खड़े होकर जब वे अपने समर्थकों का अभिवादन कर रहे थे तो एक बंदूकधारी ने उन पर फायरिंग कर दी। उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया। मर्डर केस की जांच FBI को सौंपी गई। FBI ने जांच करते हुए जेम्स अर्ल रे को गिरफ्तार किया।

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कड़ी पूछताछ के बाद जेम्स ने एक शर्त पर गुनाह जुर्म कबूल किया कि उसे मौत की सजा नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने उसकी बात मानते हुए उसे 99 साल की कैद की सजा सुनाई, लेकिन सजा होने के बाद एक रेस्टोरेंट के मालिक ने मार्टिन की हत्या की साजिश रचने का दावा किया। केस की जांच दोबारा शुरू हुई, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जेम्स की मामले में क्या भूमिका थी?

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कौन था जेम्स?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जेम्स का जन्म अमेरिका में 10 मार्च 1928 को हुआ था। उसके 9 भाई-बहन थे और वह सबसे बड़ा था। 12 साल की उम्र में उसने स्कूल छोड़ दिया था। नौकरी की तलाश करते हुए वह द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिकी सेना में भर्ती हो गया। जेम्स को साल 1949 में कैलिफोर्निया में चोरी के मामले में पहली बार सजा हुई। 1952 में एक ट्रैक्सी ड्राइवर को लूटने पर उसे 2 साल की सजा हुई।

1955 में उसे चोरी और धोखाधड़ी के केस में दोषी ठहराया गया। उसे 4 साल की जेल की सजा हुई। 1959 में वह फिर चोरी करते हुए पकड़ा गया। इस बार उसे बार-बार अपराध करने पर 20 साल की सजा सुनाई गई। 1967 में जेल की बेकरी से ब्रेड ले जा रहे ट्रक में छिपकर जेल से फरार हो गया। जेम्स ने अश्लील फिल्मों का निर्माता बनकर पहचान छिपाने की कोशिश की। 1968 में मार्टिन की हत्या की।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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