Israel Collecting Sperm of Soldiers Martyred in War: आतंकी संगठन हमास से भीषण युद्ध के बीच इजराइल से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइल स्वास्थ्य मंत्रालय ने अनुमति दी है कि माता-पिता, जिनके बेटे युद्ध में शहीद हो गए हैं, वे उनके शुक्राणु प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी भी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। युद्ध में विधवा हुईं महिलाओं को भी ऐसी ही छूट दी गई है।
इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
न्यूज साइट एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय ने माता-पिताओं को अपने बेटों (सैन्य अभियानों में शामिल) के शुक्राणुओं को प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं से बचने की अनुमति दी है, जो हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध के दौरान मारे गए थे। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि उन्हें दफनाने से पहले शुक्राणु प्राप्त कर लें।
https://twitter.com/IDF/status/1722630951950549102
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शुक्राणु बैंककर्मी कर रहे हैं 24 घंटे काम
टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार पिछले महीने से युद्ध के दौरान 33 शहीदों के शुक्राणु लिए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि मारे गए इन लोगों में से चार आम नागरिक थे, जबकि बाकी सभी सैनिक थे। इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) और शुक्राणु बैंक वाले चार अस्पतालों के साथ एक विशेष टीम 24 घंटे काम कर रही हैं।
बताया गया है कि सामान्य प्रयासों के दौरान जो माता-पिता अपने मृत बेटे के शुक्राणु पुनर्प्राप्ति (पीएसआर) की मांग करते थे, उन्हें फैमिली कोर्ट से आदेश प्राप्त करने की जरूरत होती थी, जबकि विधवाएं बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के ऐसा कर सकती थीं। लेकिन सरकार अब इस प्रक्रिया को अस्थायी तौर पर समाप्त कर दिया है।
https://twitter.com/IDF/status/1722459187798503828
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शुक्राणुओं को किया जा रहा है फ्रीज
मंत्रालय ने कहा है कि शुक्राणु को मृत्यु के 24 घंटे में एकत्र किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें फ्रीज किया जा सके और अंडे को निषेचित करने के लिए उपयोग किया जाए। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पीएसआर मृत्यु के कई दिनों बाद भी किया जा सकता है जब शुक्राणु गतिशील नहीं रह जाता है।
कपलान मेडिकल सेंटर में आईवीएफ यूनिट के प्रमुख डॉ. युवल ने कहा है कि हम ऐसे शुक्राणुओं की तलाश करते हैं और उन्हें पसंद करते हैं जो गतिशील हों, लेकिन जो शुक्राणु गतिशील नहीं है उसका मतलब यह नहीं है कि वह जीवित नहीं है। हम जानते हैं कि इसके जमने के बाद इसे कैसे चलाया जाए।
हमास के हमले में मारे गए थे 1400 इजराइली
हमास के आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर को गाजा पट्टी की ओर से इजराइल पर अभूतपूर्व हमला किया था, जिसमें इजराइल के 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसी दौरान 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर ले गए थे। तभी से इजराइल हमास को खत्म करने के लिए गाजा पट्टी पर लगातार हमला कर रहा है। गाजा पट्टी में अभी तक 10500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
https://www.youtube.com/watch?v=ApGeObb04KY
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इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
न्यूज साइट एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय ने माता-पिताओं को अपने बेटों (सैन्य अभियानों में शामिल) के शुक्राणुओं को प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं से बचने की अनुमति दी है, जो हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध के दौरान मारे गए थे। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि उन्हें दफनाने से पहले शुक्राणु प्राप्त कर लें।
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शुक्राणु बैंककर्मी कर रहे हैं 24 घंटे काम
टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार पिछले महीने से युद्ध के दौरान 33 शहीदों के शुक्राणु लिए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि मारे गए इन लोगों में से चार आम नागरिक थे, जबकि बाकी सभी सैनिक थे। इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) और शुक्राणु बैंक वाले चार अस्पतालों के साथ एक विशेष टीम 24 घंटे काम कर रही हैं।
बताया गया है कि सामान्य प्रयासों के दौरान जो माता-पिता अपने मृत बेटे के शुक्राणु पुनर्प्राप्ति (पीएसआर) की मांग करते थे, उन्हें फैमिली कोर्ट से आदेश प्राप्त करने की जरूरत होती थी, जबकि विधवाएं बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के ऐसा कर सकती थीं। लेकिन सरकार अब इस प्रक्रिया को अस्थायी तौर पर समाप्त कर दिया है।
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शुक्राणुओं को किया जा रहा है फ्रीज
मंत्रालय ने कहा है कि शुक्राणु को मृत्यु के 24 घंटे में एकत्र किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें फ्रीज किया जा सके और अंडे को निषेचित करने के लिए उपयोग किया जाए। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पीएसआर मृत्यु के कई दिनों बाद भी किया जा सकता है जब शुक्राणु गतिशील नहीं रह जाता है।
कपलान मेडिकल सेंटर में आईवीएफ यूनिट के प्रमुख डॉ. युवल ने कहा है कि हम ऐसे शुक्राणुओं की तलाश करते हैं और उन्हें पसंद करते हैं जो गतिशील हों, लेकिन जो शुक्राणु गतिशील नहीं है उसका मतलब यह नहीं है कि वह जीवित नहीं है। हम जानते हैं कि इसके जमने के बाद इसे कैसे चलाया जाए।
हमास के हमले में मारे गए थे 1400 इजराइली
हमास के आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर को गाजा पट्टी की ओर से इजराइल पर अभूतपूर्व हमला किया था, जिसमें इजराइल के 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसी दौरान 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर ले गए थे। तभी से इजराइल हमास को खत्म करने के लिए गाजा पट्टी पर लगातार हमला कर रहा है। गाजा पट्टी में अभी तक 10500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
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