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'मोदी जी हमें बचाइए…', युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों ने लगाई मदद की गुहार

Iran Israel War: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय नागरिकों ने भारत सरकार से मदद की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और भारतीय दूतावास अलर्ट मोड पर हैं.

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Credit: Social Media

मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं. इस संघर्ष का सीधा असर वहां रहने वाले लाखों आम लोगों पर पड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. युद्ध और हवाई हमलों की वजह से कई देशों में डर का माहौल है और लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं. इसी बीच मिडिल ईस्ट में फंसे कई भारतीय नागरिकों ने सोशल मीडिया और वीडियो संदेशों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. लोगों का कहना है कि वो काम के सिलसिले में इन देशों में गए थे, लेकिन अब युद्ध के हालात में फंस गए हैं. कई भारतीय मजदूर, छात्र और प्रोफेशनल्स ने कहा कि उनकी फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं और वो अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं.

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भारतीय नागरिकों ने की PM मोदी से अपील

भारतीय नागरिकों ने भावुक अपील करते हुए कहा-‘मोदी जी, हमें बचा लीजिए. यहां हालात बहुत खराब हैं.’ कुछ लोगों ने बताया कि आसपास बम धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं और परिवारों के साथ रहना मुश्किल हो गया है. कई जगहों पर दफ्तर और कामकाज भी बंद हो गए हैं, जिससे रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने तुरंत कदम उठाए हैं. मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट के कई देशों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की हैं, ताकि फंसे हुए भारतीय नागरिक मदद मांग सकें. मंत्रालय ने साफ कहा है कि सभी भारतीय दूतावास पूरी तरह अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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MEA ने भारतीय नागरिकों को दी सलाह

विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वो घबराएं नहीं, सुरक्षित स्थानों पर रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. साथ ही, बिना जरूरी कारण यात्रा ना करें और किसी भी इमरजेंसी में तुरंत भारतीय दूतावास या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें. मिडिल ईस्ट के जिन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, उनमें यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन और ईरान शामिल हैं. इन देशों में लाखों भारतीय कामगार निर्माण, स्वास्थ्य, आईटी और बाकी क्षेत्रों में काम करते हैं. युद्ध की वजह से इन सभी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. भारत सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, उसी के मुताबिक आगे की रणनीति बनाई जाएगी. जरूरत पड़ने पर भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष इंतजाम भी किए जा सकते हैं. फिलहाल सरकार की प्राथमिकता सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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