ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बड़ा दावा- खामनेई की मौत के बाद IRGC हुआ बेकाबू, कर रहा अपनी मनमानी

Iran Israel War: ईरान के विदेश मंत्री के बड़े दावे से हलचल मच गई है. उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत के बाद IRGC सरकार से अलग होकर अपने फैसले ले रहा है. इससे ईरान-इजरायल युद्ध और ज्यादा खतरनाक हो सकता है.

Iran Israel war

Credit: News24

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत के बाद ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब सरकार के कंट्रोल से बाहर होकर अपने फैसले खुद ले रही है. विदेश मंत्री ने कहा कि ओमान पर हमला करना देश की प्राथमिकता का हिस्सा नहीं था. विदेश मंत्री के मुताबिक, खामनेई की मौत के बाद ईरान में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है. ऐसे में IRGC ने खुद को स्वतंत्र मानते हुए कई सैन्य कार्रवाइयां शुरू कर दी हैं. उन्होंने कहा कि हाल के कुछ मिसाइल और ड्रोन हमलों के आदेश सरकार ने नहीं दिए थे, बल्कि ये फैसले IRGC ने अपने लेवल पर लिए.

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खामनेई की मौत से बदले हालात

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत हाल ही में हुए युद्ध के दौरान हुई. इसके बाद देश में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया. खामनेई ईरान की राजनीति और सेना दोनों के सबसे बड़े केंद्र थे. उनकी मौत से देश की सत्ता व्यवस्था में बड़ा खालीपन पैदा हो गया है. खामनेई सीधे तौर पर IRGC के सर्वोच्च कमांडर माने जाते थे. ऐसे में उनके न रहने से IRGC पर सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ता दिख रहा है. खामनेई की मौत के बाद ईरान में पैदा हुई अनिश्चितता ने युद्ध को और खतरनाक बना दिया है. IRGC के स्वतंत्र फैसलों के दावे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है.

IRGC को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

IRGC ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्था है. इसके पास मिसाइल, ड्रोन, नौसेना और खास कमांडो यूनिट्स हैं. ये संगठन देश के बाहर भी कई सैन्य अभियानों में शामिल रहा है. अब अगर IRGC सरकार के आदेश के बिना कार्रवाई करता है, तो इससे युद्ध और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. ईरान के विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि कुछ हमले ऐसी जगहों पर किए गए, जिनकी जानकारी पहले सरकार को नहीं थी. इससे साफ है कि ईरान के अंदर ही सत्ता और नियंत्रण को लेकर टकराव की स्थिति बन रही है. ईरान और इजरायल के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है. दोनों देशों की ओर से लगातार हमले हो रहे हैं. अब अगर IRGC बिना किसी राजनीतिक नियंत्रण के कार्रवाई करता है, तो ये युद्ध और बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ेगी.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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