ईरान ने अमेरिका से सीजफार का पाकिस्तान के जरिए आए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान ने अस्थायी संघर्ष विराम को सिरे से खारिज करते हुए अपने शर्तों पर स्थायी समाधान की मांग की है. ईरान ने युद्ध की समाप्ति के लिए पाकिस्तान के जरिए 10 सूत्री जवाबी प्रस्ताव भेजा है. ईरान का मानना है कि केवल संघर्ष विराम पर्याप्त नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय शांति का स्थायी हल जरूरी है.

ईरान ने क्षेत्र में सभी लड़ाइयों का पूर्ण अंत, अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट, पुनर्निर्माण के लिए सहायता, होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही नियमों से निर्धारित हो, जैसे शर्तें युद्ध रोकने के लिए रखी हैं. ईरान ने स्पष्ट किया कि उसकी शर्तों पर ही स्थायी समझौता संभव है - अन्यथा कोई समझौता नहीं होगा.

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ट्रंप की आखिरी डेडलाइन

वहीं, दूसरी ओर सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा है कि ईरानियन लोग मजबूत और सक्षम लड़ाके हैं लेकिन अब दुश्मन पिछले महीने जैसा मजबूत नहीं रहा. साथ ही ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के लिए अंतिम डेडलाइन बताई है. उन्होंने कहा कि अगर शांति समझौता न हुआ तो भारी हमले होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में नई सरकार पिछली सरकारों से काफी ज्यादा समझदार है.

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ईरान की यूनिवर्सिटी पर हमला

ईरान का MIT' कहे जाने वाले Sharif University of Technology पर अमेरिका-इजरायल ने हमला किया है. हमलों में लेबोरेटरी, इमारत, मस्जिद और डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचा. यूनिवर्सिटी के पास में स्थित एक गैस फैक्ट्री को भी नुकसान पहुंचा है. ईरान ने दावा किया कि ज्ञान के केंद्र को उड़ाने के लिए बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल किया गया.