अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शिपिंग के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खुला बताते हैं. इतना ही नहीं वे अकसर मैप जारी करके होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हैं, लेकिन ईरान उनके इस दावे को गलतफहमी साबित करने पर तुला है. अब चर्चा है कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप के दावे की हवा निकालने वाला है, क्योंकि ईरान आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए शिपिंग रूट की घोषणा करेगा. ईरान के टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर मोहसेन रेजाई ने कहा है कि जल्दी ही होर्मुज स्ट्रेट के पास प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा की जाएगी और आने वाले दिनों में ओमान के साथ मिलकर शिपिंग के लिए नए रूट की घोषणा भी करेगा.
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प्रतिबंधित क्षेत्र में एंट्री पर बैन लिस्ट में डालने की चेतावनी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने शनिवार को अमेरिकी सेना के द्वारा ईरान के 3 तेल टैंकरों पर हमला करके उन्हें नष्ट करने के बाद किसी नए हमले के जवाब में कड़ी चेतावनी दी है. वहीं नए प्रतिबंधित क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि यह जोन अमेरिकी नौसेना की ब्लॉकेड लाइन से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैला होगा. इस प्रतिबंधित क्षेत्र में एंट्री करने वाले किसी भी जहाज को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया जाएगा. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट के खुला होने के दावे को 'बड़ा झूठ' करार दिया है. बल्कि सच कहें तो होर्मुज स्ट्रेट से रोज 7-8 जहाज ही गुजर रहे हैं.
ओमान के पास से गुजरने वाले जहाजों पर किया बड़ा दावा
ईरान के टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर मोहसेन रेजाई ने कहा है कि ओमान के पास से गुजरने वाले होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े एक रास्ते से 5 से 6 जहाजों को गुजरने की अनुमति अमेरिका देता है. ईरान की ओर से इन जहाजों को ही निशाना बनाया जाता है. होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर ओमान के साथ जिस मैप को लेकर सहमति बनी है, उसे आने वाले कुछ दिन में साइन करके फाइनल किया जाएगा. इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने के रास्ते को लेकर ईरान ओमान के बीच में जो नई व्यवस्था बनी है, उसे जल्दी ही औपचारिक रूप देकर घोषित कर दिया जाएगा और उसके बाद होर्मुज को खोला जाएगा.
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ईरान की नाकेबंदी होने से तेल की सप्लाई पर पड़ रहा असर
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के पास करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल है, जिसे चीन ने अभी तक नहीं खरीदा है, क्योंकि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंध इसमें बाधा बन रहे हैं. इसे लेकर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति ट्रंप को समय रहते समझ जाना चाहिए कि अब ईरान के साथ जंग के नियम बदल गए हैं, जबकि ईरान को अबतक समझ नहीं आया हैकि अमेरिका जो ठान चुका है, उसे पूरा करके छोड़ेगा. इसका ताजा उदाहरण मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती का समय बढ़ाया जाना है .
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