Iran Israel War: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में अचानक अमेरिका ने एंट्री मारी और ईरान के तीन खास स्थानों पर बम गिरा दिया। अमेरिका ने ईरान पर ये बम कल देर रात को गिराया था, जिसके बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पर जानकारी दी। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और एस्फाहान पर बम गिराए है। आखिर अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए इन तीनों जगहों को ही क्यों चुना? दरअसल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ये तीनों जगहें बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर क्यों ईरान के लिए ये तीनों लोकेशन इतनी खास हैं।
फोर्डो
ईरान की राजधानी तेहरान से 125 किलोमीटर दूर कोम शहर के पास पहाड़ी के अंदर सुरंगों में स्थित फोर्डो में ईरान का फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट (FFEP) है। इसे ईरान का मॉउंट डूम कहा जाता है। ऐसा माना जाता था कि सुरंग में होने की वजह से फोर्डो हवाई हमलों से सुरक्षित है। यह प्लांट हमेशा से अमेरिका और यूके जैसे पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय रहा है। साल 2009 तक यह ईरान का एक सीक्रेट यूरेनियम एनरिचमेंट सेंटर था। जानकारी के अनुसार यहां से 20 प्रतिशत तक यूरेनियम एनरिचमेंट किया गया है, जो वेपन लेवल पर दो परमाणु बम बनाने के लिए काफी है। इस बात की पुष्टि खुद IAEA (इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी) ने की है।
नतांज
ईरान के इस्फहान प्रांत के केंद्र में स्थित नतांज देश के परमाणु कार्यक्रम का सबसे बड़ा और सेंट्रल यूरेनियम एनरिचमेंट सेंटर है। यह प्लांट कई कारणों से ईरान के लिए महत्वपूर्ण है, जिनमें तकनीकी क्षमताएं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति प्रमुख हैं। इसके अलावा, नतांज प्लांट ईरान की सबसे बड़ी यूरेनियम एनरिचमेंट फैकल्टी भी प्रदान करता है। यहां कई सेंट्रीफ्यूज स्थापित हैं, जो 3.5 से 60 प्रतिशत तक यूरेनियम एनरिचमेंट करने की क्षमता रखते हैं।
एस्फहान
ईरान के एस्फहान शहर के निकट एस्फहान-यूरेनियम कन्वर्जन फैक्ट्री (UCF) स्थित है। इस संयंत्र में यूरेनियम अयस्क को ‘यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड’ (UF₆) में बदला जाता है। इसके बाद, इस यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड को नतांज और फोर्डो में प्रोसेस करके समृद्ध किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यहां परमाणु ईंधन और उपयोग किए गए ईंधन का रिप्रोसेसिंग भी किया जाता है।