Imran Khan’s Sister Aleema Khan Arrested: लाहौर पुलिस ने पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के फाउंडर इमरान खान की बहन अलीमा खान को पार्टी के आंदोलन से पहले गिरफ्तार कर लिया है. ये गिरफ्तारी ऐसे वक्त में हुई है जब पीटीआई 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है. पार्टी इमरान खान की तत्काल रिहाई की मांग कर रही है, जो अगस्त 2023 से जेल में हैं.
हिरासत में PTI कार्यकर्ता
अलीमा खान को हिरासत में लेने से पहले पुलिस ने पीटीआई के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था. ये कदम अधिकारियों की तरफ से विरोध प्रदर्शन को संभालने और संभावित परेशानियों को रोकने की तैयारियों के बीच उठाया गया है. पीटीआई अपने फाउंडर की रिहाई के लिए लगातार दबाव बना रही है और उनकी जेल की सजा को अपने राजनीतिक अभियान और सार्वजनिक प्रदर्शनों का बड़ा मुद्दा बना रही है.
इस्लामाबाद पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम कड़े किए
इस्लामाबाद में अधिकारियों ने पीटीआई की तरफ से होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से पहले तैयारियां शुरू कर दी हैं. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंतजाम तय करने के लिए सेंट्रल पुलिस ऑफिस में एक मीटिंग हुई.
सिक्योरिटी प्लानिंग में शामिल पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर किसी भी संभावित रुकावट से निपटने के उपायों पर चर्चा की. अधिकारी पार्टी की तैयारियों के बारे में जानकारी भी जुटा रहे हैं और पीटीआई नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक्टिविटीज पर नजर रख रहे हैं.
इन जगहों पर बढ़ाई गई निगरानी
सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियों के तहत पूरे इस्लामाबाद में निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस गेस्ट हाउस, सराय और बस टर्मिनलों पर नजर रख रही है, जहां प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो सकते हैं या ठहरने और ट्रांसपोर्ट का इंतजाम कर सकते हैं. अधिकारी उन ठेकेदारों पर भी नजर रख रहे हैं जो प्रदर्शनकारियों को खाना, पीने का पानी, ठहरने की जगह या ट्रांसपोर्ट की सुविधा दे सकते हैं. इन जगहों के लिए जिम्मेदार पुलिस यूनिट्स को जानकारी इकट्ठा करने और सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. विरोध प्रदर्शन से पहले स्पेशल ब्रांच और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट सहित खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है.
इमरान खान जेल में क्यों हैं?
इमरान खान ने 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में काम किया अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद पद से हटाए जाने के बाद से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं. उनकी जेल की सजा पाकिस्तान में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है.
पीटीआई ने बार-बार आरोप लगाया है कि उसके संस्थापक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित है, जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों और अदालतों ने देश की न्यायिक प्रक्रिया के जरिए इन मामलों को निपटाया है. खान के समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं, और इस विवाद में विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक लामबंदी आम बात हो गई है. इसलिए 27 सितंबर 2026 के प्रदर्शन में खास तौर से खान की रिहाई की मांग पर जोर रहने की उम्मीद है, जबकि अधिकारी इस्लामाबाद और देश के दूसरे हिस्सों में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कर रहे हैं.