Imran Khan: पाकिस्तान से इमरान खान को लेकर बड़ी खबर आई है। इमरान खान को आदियाला जेल से शिफ्ट करने की तैयारी है। अब उन्हें इस्लामाबाद की जेल में रखा जाएगा, जहां उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने मीडिया को यह जानकारी दी और बताया कि आदियाला जेल में कैद इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं, इसलिए उन्हें शिफ्ट करने का फैसला सरकार ने किया है।
कोर्ट ने जांच के लिए नियुक्त किया वकील
बता दें कि इमरान खान इस समय पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले की अदियाला जेल में बंद हैं, जहां उनके स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरते जाने के आरोप उनके परिवार और बहनों के द्वारा लगाए जा रहे हैं। मामला कोर्ट तक पहुंचा तो कोर्ट ने एक वकील मामले की जांच और पैरवी के लिए नियुक्त किया। वकील सलमान सफदर ने अब सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपकर बताया कि इमरान खान की दाईं आंख की रोशनी 85 प्रतिशत चली गई है और 15 फीसदी बची है।
इमरान खान के साथ दुर्व्यवहार के आरोप
वकील सलमान ने बताया कि अक्टूबर 2025 तक इमरान खान की दोनों आंखें ठीक थी और रोशनी भी नॉर्मल (6/6) थी, लेकिन पिछले 3 महीन में जेल प्रशासन की लापरवाही के चलते उनकी आंख में ब्लड क्लॉट बन गया है, जिस वजह से उनकी आंख की रोशनी 85 फीसदी जा चुकी है। वहीं जेल में उन्हें एक अंधेरी कोठरी में रखा गया है, जहां सिवाय उनके कोई और नहीं है। वहीं उनकी कोठरी में काफी गंदगी, चूहे और कीडे़-मकौड़े हैं। उन्हें सोने भी नहीं दिया जाता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी के भी आरोप
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी (अदालत के मित्र) सलमान सफदर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में इमरान खान के साथ जानबूझकर अमानवीय और अवैध व्यवहार किए जाने का खुलासा किया गया है, जिसके लिए सेना के अधिकारी जिम्मेदार हैं और सरकार के इशारे पर यह सब किया जा रहा है। उन्हें दी जाने वाली दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की अनदेखी भी की जा रही है। इस भी लापरवाहियों के चलते उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है।
कोर्ट का बच्चों से बात करने देने का निर्देश
बता दें कि इमरान खान की बहन अलीमा ने जेल अधीक्षक अब्दुल गफूर अंजुम पर आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी ने वकील नियुक्त किया और इमरान खान के मेडिकल टेस्ट 16 फरवरी को कराकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। 2 सदस्यीय बेंच ने इमरान खान को बच्चों से बात करने की अनुमति देने का निर्देश दिया। इमरान खान के स्वास्थ्य को अहम मुद्दा बताते हुए मामले को गंभीरता से लेने को कहा।
सरकार ने आरोपों को किया सिरे से खारिज
वहीं प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि इमरान खान को अब उनकी पसंद के आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराने की अनुमति दी जाएगी। विपक्षी दल इमरान खान की स्वास्थ्य संबंधी समस्या का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष सरकार और सेना को बदनाम करने की साजिश रच रहा है और माहौल खराब करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।