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भीषण गर्मी से तप रहा यूरोप… आखिर क्यों? दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बना

1980 के दशक के बाद से यूरोपीय महाद्वीप में तापमान बढ़ने की रफ्तार वैश्विक औसत से दोगुनी रही है. इस हैरान करने वाले मौसमी बदलाव के कारण फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन जैसे देश भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं.

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भारत में जहां जून के महीने में कई राज्यों में आंधी-बारिश ने तांडव मचा रखा है, हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम में यह बदलाव सामान्य नहीं है. वहीं, दूसरी ओर यूरोपीय महाद्वीप इस समय सबसे भीषण संकट से गुजर रहा है. ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप पृथ्वी पर सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन गया है.

रिपोर्ट की माने तो मौसम वैज्ञानिक आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि 1980 के दशक के बाद से यूरोपीय महाद्वीप में तापमान बढ़ने की रफ्तार वैश्विक औसत से दोगुनी रही है. इस हैरान करने वाले मौसमी बदलाव के कारण फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन जैसे देश भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: भारत के आगे झुका कनाडा! 41 साल बाद माना एयर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट का सच; खालिस्तानियों का खुलकर लिया नाम

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क्यों यूरोपीय महाद्वीप में पड़ रही भीषण गर्मी?


यूरोपीय संघ की संस्था ‘कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस’ के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल के वर्षों ने गर्मी के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भीषण गर्म मौसम के पीछे मानवीय गतिविधियों के साथ-साथ यूरोप की अनूठी भौगोलिक संरचना भी जिम्मेदार है. यूरोप में महासागरीय क्षेत्र की तुलना में लैंड मास अधिक है, इसलिए यह सतह पर गर्मी को बहुत तेजी से सोखता है.

इसके अलावा, आर्कटिक क्षेत्र में बर्फ के तेजी से पिघलने के कारण सूर्य की किरणों को वापस परावर्तित करने की महाद्वीप की क्षमता लगातार घटती जा रही है, जो तापमान को और बढ़ा रही है.

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फ्रांस और यूके में रेड अलर्ट


इस तेजी से बढ़ते संकट के परिणाम अब बेहद खतरनाक और जानलेवा होते जा रहे हैं. फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने के कारण प्रशासन को ‘मैक्सिमम रेड अलर्ट’ जारी करना पड़ा है. स्थानीय स्कूलों को बंद कर दिया गया है और सार्वजनिक परिवहन को लिए यात्रियों के लिए स्पेशल गाइडलाइन जारी की गई है. दूसरी ओर, ब्रिटेन (UK) के मौसम विज्ञानियों ने भी देश में दुर्लभ हीट वेव की चेतावनी जारी की है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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