दुनिया पर एक बार फिर एक बेहद जानलेवा और संक्रामक महामारी का साया मंडराने लगा है, जिसने वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों की नींद उड़ा दी है. अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस (Ebola Virus Disease) के मामलों में आई अचानक और तेजी को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ (PHEIC) का ऐलान कर दिया है. डब्ल्यूएचओ ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के कड़े प्रावधानों के तहत यह बड़ा फैसला लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर पैदा हुए इस गंभीर स्वास्थ्य संकट और वायरस के तेजी से फैलते ग्राफ को देखते हुए भारत सरकार भी पूरी तरह हाई-अलर्ट मोड पर आ गई है.
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कांगो और युगांडा में इबोला में भयंकर तबाही
सड़क से लेकर अस्पतालों तक इबोला का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है. इस समय अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इस जानलेवा बीमारी के कई नए संदिग्ध मरीज सामने आ रहे हैं और मौतों का आंकड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ (Africa CDC) ने भी इसे महाद्वीपीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानते हुए ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित कर दिया है.
बता दें कि 2026 में फैल रहे बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है. इसलिए इबोला को और भी खतरनाक माना जाता है. इस प्रकोप में लगभग 700 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आए हैं और 216 मौतें हुई हैं. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक संक्रमित में इसकी मृत्युदर 30 से 50% तक रही है. इबोला संक्रमण में शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं और गंभीर मामलों में रक्तस्राव, मल्टी-ऑर्गन फेल्योर और मौत तक हो सकती है.
भारत सरकार ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
इबोला के खतरे को देखते हुए भारत सरकार भी पूरी तरह सतर्क हो गई है. Ministry of Health and Family Welfare India ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें लोगों को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक इन देशों की यात्रा टालना ही सुरक्षित विकल्प है. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह वायरस (इबोला वायरस) पहली बार साल 1976 में शुरू (खोज) हुआ था. उस साल के बाद से अबतक इस वायरस से 15000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
कैसे पाएं इस वायरस से सुरक्षा
सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम लोगों को कई जरूरी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके और सुरक्षित रहा जा सके:
- संक्रमित या प्रभावित देशों की गैर-जरूरी यात्रा से पूरी तरह बचें.
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर व्यक्तिगत स्वच्छता और दूरी बनाए रखें.
- बुखार, कमजोरी या संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
- सिर्फ सरकार और WHO जैसी आधिकारिक एजेंसियों की जानकारी पर भरोसा करें.
- हाथों की सफाई और मास्क जैसे सामान्य स्वास्थ्य नियमों का पालन करें.
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच और जरूरी गाइडलाइन्स जरूर फॉलो करें.
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