मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे देशों को साफ संदेश देते हुए कहा कि अब अमेरिका हर किसी की सुरक्षा का ठेका नहीं लेगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो देश होर्मुज के रास्ते होने वाले तेल व्यापार पर निर्भर हैं, अब समय आ गया है कि वे खुद अपनी जिम्मेदारी संभालें. उन्होंने यह बात सीबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कही.
उन्होंने कहा, 'अगर उन्हें (होर्मुज के रास्ते तेल लेने वाले देश) तेल चाहिए, तो आकर खुद छीन लें. अब समय आ गया है कि वे खुद कुछ करें. पश्चिम एशिया देशों को आगे आकर खुद अपना काम खुद करना पड़ेगा.'
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें : होर्मुज पर ईरान का सख्त पहरा! विदेशी जहाजों से वसूला जाएगा टैक्स, US-इजरायली जहाजों की एंट्री बैन
---विज्ञापन---
इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा था, 'उन सभी देशों लिए, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट की वजह से जेट फ्यूल नहीं मिल पा रहा है, जैसे यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान के खिलाफ खड़े होने से मना कर दिया था, मेरा आपके लिए एक सुझाव है - नंबर 1, अमेरिका से खरीदें, हमारे पास बहुत है, और नंबर 2, थोड़ी हिम्मत जुटाएं, होर्मुज स्ट्रेट में जाएं, और छीन लें.'
इसके साथ ही लिखा था, 'आपको अपने लिए लड़ना सीखना होगा. अमेरिका अब आपकी मदद करने के लिए नहीं होगा, ठीक वैसे ही जैसे आप हमारे लिए नहीं थे. ईरान, असल में, खत्म हो चुका है. मुश्किल काम हो चुका है. जाओ अपना तेल खुद लाओ.'
डोनाल्ड ट्रंप के अलावा अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज का बंद रहना सिर्फ हमारी समस्या नहीं है. हमने अपनी तरफ से काफी कुछ कर दिया ताकि होर्मुज को खोला जा सके.
यह भी पढ़ें : गुब्बारों वाली गैस कैसे चलाती है दुनिया? जानिए- ईरान युद्ध से कैसे हुआ हीलियम गैस क्राइसिस
बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायली हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया था. होर्मुज स्ट्रेट ग्लोबल क्रूड सप्लाई के लिए अहम जलमार्ग है. इस रूट के बंद होने की वजह से भारत समेत कई देशों में एनर्जी क्राइसिस पैदा हो गया. इस रूट से ग्लोबल क्रूड की खपत का पांचवां हिस्सा यहां से सप्लाई होता है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से सैंकड़ों जहाज यहां कई दिनों से खड़े हैं. भारत के कई जहाजों को ईरान ने आने दिया है, लेकिन अभी भी कई जहाज वहां फंसे हुए हैं.