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ईरान को 'कब्रिस्तान' बनाने की तैयारी शुरू? अमेरिका-इजरायल ने बनाया खतरनाक प्लान, जानें क्या करेंगे ट्रंप-नेतन्याहू

US Iran War: अमेरिका इस बार ईरान पर पहले से ज्यादा घातक हमला करेगा। क्योंकि ईरान के जवाब से ट्रंप खुश नहीं हैं। उन्होंने उस जवाब को खारिज करके सेना को तैयारी करने का निर्देश दे दिया है। चर्चा है कि इस बार अमेरिका का टारगेट ईरान के परमाणु ठिकाने ही होंगे, जिसके लिए सीक्रेट प्लान बन चुका है।

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अमेरिका अब पहले से ज्यादा घातक हमला करने की तैयारी में है।

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब विनाशकारी हो सकता है। क्योंकि 8 अप्रैल से जारी सीजफायर टूटने की कगार पर है। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव का जवाब भेज दिया है, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नाराज हैं। उन्होंने ईरान के साथ कोई समझौता होने की संभावनाओं से इनकार कर दिया है। ईरान के जवाब को भी खारिज कर दिया है। अब वे ईरान पर फिर से हमला करने की प्लानिंग कर रहे हैं और चर्चा है कि इस बार का हमला पूरी दुनिया को डराने और चौंकाने वाला होगा।

ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन चलाने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान का जवाब मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बात की। दोनों के बीच ईरान में ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन चलाने पर चर्चा हुई। इस ऑपरेशन का मकसद ईरान के परमाणु ठिकानों पर कब्जा करना, संवर्धित यूरेनियम को सीज करके परमाणु केंद्रों से बाहर निकालना रहेगा। लेकिन ईरान में ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन आसान नहीं होगा, क्योंकि ईरान के कंक्रीट से बने परमाणु ठिकानों से जिंदा निकलना आसान नहीं होगा।

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परमाणु ठिकानों पर अंतरिक्ष से निगरानी

सूत्रों के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु ठिकानों के अंदर जाएंगे और 440 किलो संवर्धित यूरेनियम को बाहर निकालेंगे। यह इतिहास का सबसे बड़ा ऑपरेशन होगा, जिसके लिए हजारों सैनिकों की जरूरत होगी। इसलिए ईरान के परमाणु ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। एक स्पेस टीम भी अंतरिक्ष से ठिकानों पर नजर रखे हुए है, जो ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन के समय होने वाली ईरान की गतिविधियों के बारे में पहले से बात देगी।

3 परमाणु ठिकानों में सबसे ज्याद यूरेनियम

बता दें कि नतांज, फोर्दो और इस्फहान न्यूक्लियर प्लांट ईरान की रीढ़ की हड्डी हैं। इजरायल ने सबसे ज्यादा हमले इन तीनों प्लांट पर किए हैं। हमले में पहाड़ों के बीच जमीन के नीचे बने इन ठिकानों के एंट्री गेट पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। इन तीनों के अंदर संवर्धित यूरेनियम हो सकता है। इनके अंदर 24 घंटे तोप-टैंकों के साथ ईरानी सेना तैनात रहती है। अमेरिकी सेना को ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन चलाने के लिए इस सेना को खत्म करना होगा, तभी वह परमाणु ठिकानों के अंदर घुस पाएगी।

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ऐसे चलाया जाएगा ग्राउंड मिलिट्री ऑपरेशन

प्लान है कि अमेरिका और इजरायल के सैनिक हेलिकॉप्टर्स से परमाणु ठिकानों के आस-पास जमीन पर उतरेंगे। न्यूक्लियर सर्च टीम भी उनके साथ होगी, जो इन ठिकानों में यूरेनियम की मौजूदगी का पता लगाएगी। सैन्य टीमों को ठिकानों के अंदर घुसने के लिए एंट्री गेटों के मलबे को हटाना होगा। इसके लिए क्रेनों को एयरलिफ्ट करना होगा। मलबा हटाकर नया रास्ता बनाया जाएगा। अंदर तक जाने के रास्ते पर पड़े मलबे को भी हटाना होगा। मलबे को हटाए बिना यूरेनियम तक पहुंचना संभव नहीं।

कई हफ्तों और महीनों चल सकता ऑपरेशन

यूरेनियम तक पहुंचने के बाद उसे स्पेशल कंटेनरों में भरना होगा। इस काम में कई हफ्ते और महीने लग सकते हैं। कंटेनरों में भरने के बाद उन्हें ट्रकों में लादकर बाहर लगाकर एयरलिफ्ट करके अमेरिका ले जाना होगा। इस बीच ईरान की सेना के हमले का जवाब भी देना होगा। आशंका है कि ईरान ऑपरेशन से पहले यूरेनियम को इन ठिकानों से हटा दे। इसके लिए सैटेलाइट के जरिए नजर रखी जा रही है। पता लगते ही हमला कर दिया जाएगा और पहले सैन्य ठिकाने तबाह करके कांटे निकाले जाएंगे।

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माउंटेन यूरेनियम स्टोरेज में सर्वाधिक यूरेनियम

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे ज्याद यूरेनियम नतांज परमाणु ठिकाने के पास पिकएक्स माउंटेन के नीचे है। यह माउंटेन नतांज से करीब 100 मीटर की दूरी पर है। पिकएक्स माउंटेन यूरेनियम स्टोरेज को सुरंग के जरिए नतांज प्लांट तक कनेक्ट किया गया है। प्लांट के अंदर जाकर सुरंग के रास्ते स्टोर तक पहुंचना और वहां से यूरेनियम को निकालकर बाहर लाना सबसे मुश्किल काम है। क्योंकि पिकएक्स माउंटेन की ऊंचाई 5000 मीटर है। इसकी तलहटी में 328 फीट नीचे यूरेनियम स्टोर है।

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स्टोर तक पहुंचने का रास्ता घातक और चैलेंजिंग

मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान चैलेंज सुरंगें होंगी, जिनमें ईरानी सैनिक छिपे हो सकते हैं। अमेरिका के पास इन सुरंगों और स्टोर तक जाने के रास्ते का मैप भी नहीं है। इसलिए अमेरिका के लिए यह ब्लाइंड ऑपरेशन होगा, जो अमेरिका के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि जब अमेरिका के सैनिक सुरंगों के अंदर घुसेंगे तो उन पर सरप्राइज अटैक हो सकता है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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