ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लगभग 21 घंटे तक चली शांति वार्ता के विफल होने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेंगे. ट्रंप ने कहा कि हम होर्मुज में ना तो जहाजों को घुसने देंगे और ना ही निकलने देंगे.
ट्रंप ने कहा कि ईरानी अधिकारियों के साथ इस्लामाबाद में हुई मैराथन बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन सिर्फ एक ही बात पर सहमति नहीं बनी - वो है ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम. ट्रंप ने कहा, 'मीटिंग अच्छी रही, ज्यादातर बातों पर सहमति बन गई, लेकिन सिर्फ एक ही बात, न्यूक्लियर पर सहमति नहीं बनी.' उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु लक्ष्यों पर अड़ा रहा.
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US नेवी करेगी जहाजों की नाकाबंदी
ट्रंप ने ऐलान किया कि US नेवी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगी. उन्होंने कहा, 'तुरंत प्रभाव से, अमेरिकी नेवी होर्मुज स्ट्रेट में घुसने या निकलने की कोशिश करने वाले सभी जहाजों को ब्लॉक करने का प्रोसेस शुरू करेगी.'
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के भरोसे को पूरा करने में नाकाम रहा है, और आरोप लगाया कि समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों के खतरों ने पहले ही शिपिंग एक्टिविटी पर असर डाला है. उन्होंने कहा, 'वे कहते हैं कि कहीं कोई माइन हो सकती है, कौन जहाज मालिक यह रिस्क लेना चाहेगा?'
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'ईरान को टोल देने वालों की खैर नहीं'
उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगों को तबाह करना शुरू कर देगा. ट्रंप ने कहा, 'जो कोई भी ईरान को गैर-कानूनी टोल देगा, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा.'
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साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना या कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने वाले किसी भी दुश्मनी भरे कदम के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि 'कोई भी ईरानी जो हम पर या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाएगा, उसे नरक में भेज दिया जाएगा!'