'आरोप झूठे, बेबुनियाद, मनगढ़ंत हैं', जेफरी एपस्टीन की फाइलों में नाम आने के मुद्दे पर दलाई लामा ने दी सफाई

Jeffrey Epstein Files: जेफरी एपस्टीन की फाइलों में दलाई लामा का नाम भी आया है, लेकिन दलाई लामा ने इससे इनकार करते हुए मनगढ़ंत कहानी बताया है। उनके कार्यालय की ओर से बयान जारी करके स्पष्टीकरण दिया गया है। साथ ही अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी आपत्ति जताई है।

Dalai Lama

दलाई लामा के नाम का खुलासा फाइलों में होने का दावा किया गया है।

Jeffrey Epstein Link to Dalai Lama: अमेरिका में बच्चियों और महिलाओं के यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन से तिब्बत के आध्यात्मिक नेता 14वें दलाई लामा का लिंक होने की खुलासा हुआ। जो एपस्टीन की फाइलों से हुआ अब तक का सबसे बड़ा चौंकाने वाला खुलासा है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया, लेकिन इस मामले में अब दलाई लामा का स्पष्टीकरण आ गया है। दलाई लामा के कार्यालय की ओर से बयान जारी किया गया है।

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वायरल पोस्ट को गुमराह करने वाली बताया

दलाई लामा के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दलाई लामा का जेफरी एपस्टीन से कोई कनेक्शन नहीं है। वे उनसे कभी नहीं मिले और न ही उन्होंने अपनी तरफ से किसी को उनसे मिलने या बातचीत करने के लिए भेजा था। सोशल मीडिया पर उनके और एपस्टीन के लिंक को लेकर वायरल हो रहीं पोस्ट झूठी और बेबुनियाद हैं। वायरल रिपोर्ट्स और ऑनलाइन पोस्ट गुमराह करने वाली और तथ्यहीन मनगढ़ंत कहानियां हैं।

अरुणाचल प्रदेश के CM पेमा खांडू भड़के

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी दलाई लामा का नाम एक अपराधी के साथ जोड़ने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा तिब्बतियों के धर्मगुरु हैं। उनका नाम इस तरह से निराधार दुर्भावनापूर्ण अटकलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। एक गलत सूचना फैलाकर पवित्र आध्यात्मिक आत्मा और संस्था को बदनाम करने की काेशिश और साजिश बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय है।

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क्या हैं जेफरी एपस्टीन की फाइलें?

बता दहें कि जेफरी एपस्टीन अमेरिका का मशहूर फाइनेंसर और बिजनेसमैन था। वह हाई प्रोफाइल पार्टियां आयोजित करके उनमें दुनियाभर की मशहूर हस्तियों, नेताओं और अधिकारियों को बुलाता था। उन्हें लड़कियां सप्लाई करता था, जो यौन शोषण का शिकार हुईं। वह खुद भी बच्चियों और महिलाओं का यौन शोषण करता था। उसकी इन गंदी हरकतों में उसकी दोस्त घिसलेन मैक्सवेल साथ देती थी, लेकिन उसकी हरकतों का खुलासा हुआ तो पुलिस ने दोनों को पकड़कर जेल में डाल दिया।

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मामला कोर्ट तक पहुंचा, पीड़िताएं सामने आईं, केस दर्ज कराए गए और घिसलेन को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई। एपस्टीन कुछ केसों में विचाराधीन था और कुछ केसों में सजा हो चुकी थी तो वह जेल में था, लेकिन साल 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई। पीड़िताओं और राजनेताओं के दबाव में आकर ट्रंप सरकार ने न्याय विभाग को एपस्टीन के घर, दफ्तर और आइलैंड से बरामद हुई चीजों और तस्वीरों-वीडियो का खुलासा करने का आदेश दिया, जिन्होंने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया।

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न्याय विभाग ने 30 लाख से ज्यादा पन्नों वाले दस्तावेज, 2000 से ज्यादा वीडियो और 180000 तस्वीरें जारी कीं, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से लेकर दलाई लामा तक कई हस्तियों के नाम, तस्वीरें और वीडियो थे। वहीं इस मामले में कई लोगों का करियर और उनके परिवार तबाह कर दिए हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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