---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

चंद्रयान-3 से 10 साल पहले चांद पर जाकर आ चुका ये शख्स; ऐसी है ये रोचक यात्रा

लंदन: चांद पर जाने के मिशन में रूस की नाकामी और भारत के चंद्रयान की कामयाबी के बीच एक बड़ी ही रोचक कहानी सामने आई है। लंदन में रह रहा भारतीय मूल का एक शख्स चंद्रयान-3 से बहुत पहले चांद पर जाकर आ चुका है। उसने बहुत ही हैरानीजनक खुलासे भी किए हैं। इतना ही […]

---विज्ञापन---

लंदन: चांद पर जाने के मिशन में रूस की नाकामी और भारत के चंद्रयान की कामयाबी के बीच एक बड़ी ही रोचक कहानी सामने आई है। लंदन में रह रहा भारतीय मूल का एक शख्स चंद्रयान-3 से बहुत पहले चांद पर जाकर आ चुका है। उसने बहुत ही हैरानीजनक खुलासे भी किए हैं। इतना ही नहीं, अब अपने एक्सपीरियंस को पेंटिंग के सहारे लोगों को बताते रहते हैं। आइए जानें, क्या है इस हैरानीजनक दावे के पीछे की सच्चाई…

  • लंदन में स्टेज एक्टर और पेंटर के रूप में अच्छी पहचान रखते हैं भारतीय मूल के 60 वर्षीय शिव ग्रेवाल

  • 2013 में बीवी के लंच करते वक्त आया कार्डियक अरेस्ट और 7 मिनट बाद हो गए थे जिंदा

दरअसल, भारतीय मूल के 60 वर्षीय शिव ग्रेवाल ब्रिटेन में एक स्टेज एक्टर के रूप में खासी पहचान रखते हैं। वह एक बेहतरीन पेंटर भी हैं। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार शिव ग्रेवाल ने वर्ष 2013 की एक घटना के बारे में काफी विस्तार से बताया है। शिव ग्रेवाल की मानें तो एक दिन वह लंदन में अपनी पत्नी के साथ घर के पास ही लंच कर रहे थे। उसके बाद उन्हें (शिव ग्रेवाल को) अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया। पत्नी ने आनन-फानन में एंबुलेंस को फोन करके अस्पताल पहुंचाया।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: चंद्रयान 3 के लैंडिंग प्वाइंट को ‘शिवशक्ति’ नाम से जाना जाएगा, जानें पीएम मोदी के ISRO में संबोधन की 10 बड़ी बातें

शिव ग्रेवाल ने बताया कि अस्पताल में पहुंचाए जाने के बाद डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की, लेकिन इस दौरान उन्होंने इस शरीर से अलग होकर जो अनुभव किया, वह बड़ा ही रोमांचक था। ग्रेवाल के मुताबिक वह 7 मिनट तक नियर डेथ एक्सपीरियंस से गुजरे हैं।

---विज्ञापन---

चंद्रयान के बारे में पढ़ें एक और रोचक कहानी: चांद पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग के लिए ISRO ने बनाया था आर्टिफिशियल मून, पीएम मोदी ने सुनाई सफलता की Inside Story

शिव ने बताया, ‘मुझे महसूस हो रहा था जैसे मेरी आत्मा मेरे शरीर से अलग हो चुकी हो। मैं खुद को शून्य में महसूस कर रहा था, एकदम भारहीन। ऐसा लग रहा था-जैसे मैं पानी में तैर रहा हूं। फिर एक समय ऐसा भी आया जब मैं पूरे अंतरिक्ष को देख पा रहा था, जहां उल्का पिंड मौजूद थे। इतना ही नहीं, मुझे ये भी महसूस हुआ कि मैं चंद्रमा पर यात्रा कर रहा हूं। हालांकि मेरे मन का एक कोना ये भी चाह रहा था कि मैं जल्दी से अपने शरीर में वापस चला जाऊं और अपनी पत्नी के साथ जीवन बिताऊं’।

---विज्ञापन---
First published on: Aug 26, 2023 04:28 PM
End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola