Board of Peace Meeting: ट्रंप ने गाजा के लिए जुटाए 7 अरब डॉलर, जानें पहली मीटिंग में कौन-कौन आया और क्या हुए ऐलान?

Board of Peace Meeting: गाजा के लिए बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग हो गई है। इसमें गाजा के लिए 5 बड़े ऐलान किए गए। 9 देशों ने गाजा के फंड देने का ऐलान किया। वहीं 5 देशों ने गाजा में सेना तैनात करने की घोषणा की।

Board of Peace Meeting

बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की।

Board of Peace Meeting: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग हुई है। यह मीटिंग वाशिंगटन स्थित डोनाल्ड जे. ट्रंप यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में हुई। मीटिंग की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। मीटिंग में करीब 50 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 12 देशों बतौर ऑब्जर्वर मीटिंग को जॉइन किया। भारत ने भी बतौर ऑब्जर्वर ही मीटिंग जॉइन की। वहीं मीटिंग में गाजा को फिर से बसाने के लिए मेगा प्लान भी बनाया गया।

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बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में भारत पर्यवक्षेक बना

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग को संबोधित भी किया। उन्होंने बताया कि मीटिंग में भारत ने बतौर पर्यवेक्षक हिस्सा लिया। अमेरिका में भारत के चार्ज डी अफेयर्स नामग्या सी खाम्पा ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। मीटिंग के बीच में मैंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात भी की। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल और हमासा की लड़ाई खत्म होने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी चिंगारियां बाकी हैं, लेकिन उन्हें भी जल्द बुझा दिया जाएगा।

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गाजा के लिए बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में हुए ऐलान

9 सदस्य देश गाजा में शांति और इसे फिर से बसाने के लिए 63 हजार करोड़ रुपये (7 अरब डॉलर) देंगे। अमेरिका खुद 90 हजार करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) देगा। 5 देशों ने गाजा के फिलिस्तिनी इलाके में सैना तैनात करने की घोषणा की। इंडोनेशिया ने गाजा में 8000 या उससे ज्यादा सैनिकों की तैनाती का वादा किया। कजाकिस्तान ने गाजा में सैन्य बल तैनात कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ गाजा को 2 अरब डॉलर मानवीय सहायता के लिए दिए। फीफा फुटबाल से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए 7.5 करोड़ डॉलर खर्च करेगा।

बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में आए इन देशों के प्रतिनिधि

बता दें कि बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, UAE, उज्बेकिस्तान, वियतनाम, अल्बानिया, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, कजाकिस्तान, कोसोवो, मंगोलिया, बेलारूस, पैराग्वे, बहरीन, मिस्र, इटली, ग्रीस, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ शामिल हुए। भारत और यूरोपीय संघ (EU) सहित कई देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुए। ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, वेटिकन सिटी और स्वीडन ने भी मीटिंग में शामिल होने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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