Bangladesh Crisis: बांग्लादेश की 17 सदस्यीय अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि छात्रों के कारण ही सरकारी मशीनरी ध्वस्त हो गई। वहीं शेख हसीना को लेकर भी उन्होंने तंज कसा। यूसुफ ने कहा कि आखिरकार इस बार राक्षस देश के बाहर चला गया।
बता दें कि बांग्लादेश में छात्र विरोधी प्रदर्शन के बाद 5 अगस्त को शेख हसीना को त्याग पत्र देकर भारत लौटना पड़ा था। मोहम्मद यूनुस ने छात्रों की क्रांति को लेकर कहा कि यह एक क्रांति है छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति जिसने पूरे बांग्लादेश को बदल दिया। बता दें कि बांग्लादेश में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की शुरुआत आरक्षण व्यवस्था को बहाल करने के बाद हुई थी। इसके बाद लगभग 3 महीने तक देश हिंसा की चपेट में रहा। सैकड़ों लोगों की हत्या हो गई। वहीं हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।
अंतरिम सरकार के गठन को लेकर उन्होंने कहा कि जिस समय आप निर्णय लेना शुरू करते हैं उस समय कई लोगों को आपके निर्णय पसंद आते हैं और कई लोगों को निर्णय पसंद नहीं आते हैं। उन्होंने यह बात सरकार के सामने आने वाली कठिनाइयों को लेकर कही।
अमेरिका के कारण गई कुर्सी
बता दें कि मोहम्मद यूनुस ने पिछले सप्ताह अतंरिम सरकार के मुखिया के तौर पर शपथ ली थी। वहीं उधर शेख हसीना भी अपने देश लौटना चाहती है। उनके बेटे लगातार मीडिया में बयान दे रहे हैं। इस बीच सूत्रों ने दावा किया है कि शेख हसीना ने अमेरिका सैंट मार्टिन द्वीप देेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद अमेरिका का दखल बढ़ा और उसने कुर्सी से उतरवा दिया। हालांकि अभी तक अमेरिका का इसको लेकर खंडन होना बाकी है।