Donald Trump And Asim Munir Meet: पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया। पहलगाम में आतंकियों के कायराना हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को इसका जवाब देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाक के कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर सहमति बनी, जिसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी। अब उपाकिस्तानी आर्मी के चीफ असीम मुनीर के साथ डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने जा रही है। भारत-पाकिस्तान तनाव के अलावा, अभी ईरान और इजरायल की जंग भी चल रही है, ऐसे में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
दोपहर में होगी मीटिंग
पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर वॉशिंगटन के दौरे पर हैं। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के साथ आज दोपहर में मुलाकात करने वाले हैं। बुधवार को व्हाइट हाउस में होने वाली मीटिंग्स में असिम मुनीर के साथ प्रेसिडेंट का लंच भी तय है। यह एक प्राइवेट लंच होगा, जिसमें कोई भी मीडिया कर्मी नहीं जा सकता है।
मुलाकात के मायने क्या?
ट्रंप और मुनीर की मुलाकात के मायने निकाले जा रहे हैं। हाल ही में अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी लड़ाई में साझेदार बताया था। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल ने काबुल के एबे गेट पर हुए हमले के एक आतंकी की गिरफ्तारी पर भी पाकिस्तान की तारीफ की थी। इसके अलावा, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक क्रिप्टोकरेंसी डील की गई है, जिसमें ट्रंप के परिवार से जुड़ी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल का नाम सामने आया है। इस डील को करने में मुनीर की भागीदारी की बात की जा रही है।
जयराम रमेश ने मुलाकात पर उठाए सवाल
असीम मुनीर और ट्रंप की मुलाकात पर सवाल उठाते हुए जयराम रमेश ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि ‘असीम मुनीर वह शख्स है, जिसकी भड़काऊ उत्तेजक टिप्पणी सीधे 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमलों से जुड़ी थी। आज व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच कर रहा है।’ उन्होंने आगे लिखा कि ‘क्या यही वजह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दिन पहले ही जी7 शिखर सम्मेलन छोड़ दिया?’
उन्होंने आगे लिखा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद 14 बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम करवाया है, जिसका मतलब है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को खत्म कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में पाकिस्तान को भागीदार बताया। नमस्ते ट्रंप द्वारा हाउडी मोदी को यह तिहरा झटका है।’