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टोल प्लाजा के 20 KM के दायरे में है आपका घर? NHAI ने दी बड़ी राहत, बचेंगे टैक्स के पैसे

Local Toll Gate: अगर आपके घर के करीब को नेशनल हाईवे का टोल प्लाजा है और आपको वहां से रोजाना गुजरना पड़ता हो, तो ये आपकी जेब काफी ज्यादा ढीली करता है. अब एनएचएआई ने टोल गेट के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है. जिससे उनकी काफी पैसे बचेंगे.

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NHAI Toll Pass For Local Residents: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अपनी डिजिटल लोकल टोल पास सुविधा को 121 टोल प्लाजा तक बढ़ा दिया है. इससे 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए टोल बूथ पर जाए बिना मंथली पास लेना आसान हो गया है. इस फैसिलिटी के लिए एलिजिबल लोकल कम्यूटर्स Rajmargyatra मोबाइल ऐप के जरिए मंथली पास के लिए अप्लाई कर सकते हैं. ये पास एक तय फीस पर महीने भर उस खास टोल प्लाजा से अनलिमिटेड बार गुजरने की इजाजत देता है.

कौन होंगे एलिजिबल?

लिस्ट में शामिल किए गए टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग डिजिटल लोकल पास के लिए अप्लाई कर सकते हैं. ये सुविधा स्थानीय निवासियों की नॉन-कमर्शियल गाड़ियों के लिए है. इससे पहले, अप्लाई करने वालों को अपनी रेसिडेंशियल एलिजिबिलिटी साबित करने के लिए टोल प्लाजा जाना पड़ता था और डॉक्यूमेंट्स देने पड़ते थे. डिजिटल सिस्टम से ऑनलाइन वेरिफिकेशन हो जाता है, जिससे कागजी काम और बार-बार आने-जाने की जरूरत कम हो जाती है. नेशनल हाईवे यूजर-फीस नियमों के मुताबिक, मंथली लोकल पास की कीमत 350 रुपये है.

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डिजिटल वेरिफिकेशन कैसे काम करता है?

‘राजमार्गयात्रा’ सिस्टम को DigiLocker और VAHAN के साथ जोड़ा गया है. ये प्लेटफॉर्म अप्लाई करने वाले का पता, गाड़ी की जानकारी और FASTag की डिटेल्स वेरिफाई करने में मदद करते हैं. एलिजिबिलिटी की शर्तें पूरी होने पर, पास डिजिटल रूप से जारी किया जा सकता है. हालांकि जो निवासी इन 121 टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें लोकल मंथली पास लेने के लिए संबंधित टोल प्लाजा पर ही जाना होगा.

NHAI ने इसे क्यों शुरू किया है?

ये कदम NHAI के मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) या बैरियर-लेस टोलिंग की ओर बढ़ने में मदद करता है, जहां गाड़ियां टोल बूथ पर रुके बिना गुजर सकती हैं. MLFF पहले से ही 6 टोल प्लाजा पर चालू है, जिनमें चोरयासी, मुंडका, दौलतपुरा, घरौंडा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि अनपेड टोल के लिए जारी किए गए ई-नोटिस में लोकल निवासियों की तादाद काफी ज्यादा थी. चूंकि बैरियर-लेस टोलिंग में आमने-सामने की बातचीत या मैन्युअल काम खत्म हो जाता है, इसलिए एलिजिबल लोकल लोगों को ये एनश्योर करना होगा कि उनका मंथली पास उनके FASTag से जुड़ा हो. ऐसा न करने पर ई-नोटिस मिल सकता है, जिसमें लागू टोल फीस से दोगुना पेमेंट करना पड़ सकता है.

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First published on: Aug 19, 2026 09:40 PM

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