Telegram Ban In India: टेलीग्राम, जो एक लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है, हाल के दिनों में गंदे वीडियो और अवैध एक्टिविटीज का अड्डा बनता जा रहा है। इसकी प्राइवेसी और बड़े ग्रुप्स में सामग्री साझा करने की सुविधा का दुरुपयोग हो रहा है, जिससे इस प्लेटफार्म पर अश्लील कंटेंट तेजी से फैल रहा है। सिर्फ यही नहीं, आतंकवादी संगठन भी टेलीग्राम का उपयोग अपनी एक्टिविटीज को छिपाने और योजनाओं को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं।
टेलीग्राम की एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा इसे सुरक्षित प्लेटफार्म बनाती है, लेकिन इसी कारण इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस पर निगरानी रखना चल्लेंजिंग हो गया है। इसे ‘रक्तबीज’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एक बार कंटेंट हटाने के बाद भी नए ग्रुप्स और चैनल्स बन जाते हैं, जिससे गलत एक्टिविटीज दोबारा शुरू हो जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
यह भी पढ़े: भारत के दो अनोखे रेलवे स्टेशन, जानें क्यों नहीं हैं इनके नाम
गंदे वीडियोज का अड्डा कैसे बना टेलीग्राम?
टेलीग्राम पर कंटेंट शेयर करना बहुत आसान है। इसमें बड़े ग्रुप्स और चैनल्स बनाए जा सकते हैं, जिनमें हजारो लोग जुड़े होते हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग इस प्लेटफार्म का दुरुपयोग कर रहे हैं और यहां पर अश्लील वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। टेलीग्राम की Privacy और सुरक्षा के कारण इन ग्रुप्स और चैनल्स को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है, जिससे गलत कंटेंट आसानी से फैलता रहता है।
यह भी पढ़े:सांप-बिच्छू के शौक वाले Bear grylls का नया लुक: उम्र के असर ने फैंस को चौंकाया
टेलीग्राम पर आतंकी गतिविधियों को पनाह
टेलीग्राम का एक और खतरनाक पहलू यह है कि आतंकवादी संगठन भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस ऐप पर संदेशों को एन्क्रिप्ट किया जाता है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन संदेशों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। आतंकी संगठन इसका उपयोग अपनी योजनाओं और एक्टिविटीज को छुपाने के लिए करते हैं। हाल ही में कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकवादी ग्रुप टेलीग्राम का उपयोग कर रहे हैं।
यह भी पढ़े: भूल जाएं कार्ड और मोबाइल, अब सिर्फ चेहरे से होगा पेमेंट, जानें यह टेक्नोलॉजी कैसे करेगी काम
क्यों ‘रक्तबीज’ बन चुका है टेलीग्राम?
टेलीग्राम को ‘रक्तबीज’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एक बार इस पर गंदा कंटेंट या अवैध एक्टिविटीज शुरू हो जाती है, तो उसे पूरी तरह से खत्म करना बहुत मुश्किल हो जाता है। एक ग्रुप या चैनल बंद करने के बाद भी, दूसरे नए ग्रुप्स और चैनल्स बन जाते हैं, और अवैध सामग्री फिर से फैलने लगती है। इस तरह, यह एक ऐसी समस्या बन गई है, जिसे पूरी तरह से कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है।
टेलीग्राम पर कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती?
- एन्क्रिप्शन: एन्क्रिप्शन के कारण सरकारों और कंपनियों के लिए टेलीग्राम पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल होता है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून: टेलीग्राम एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी है और हर देश के कानून अलग-अलग होते हैं, जिससे कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।
- Technical Challenges: टेलीग्राम लगातार अपनी सुरक्षा सुविधाओं को अपडेट करता रहता है, जिससे इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।
समाधान क्या है?
सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों को इस दिशा में कड़े कदम उठाने होंगे। टेलीग्राम को भी अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा ताकि गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। अश्लीलता और आतंकवाद से जुड़े कंटेंट को ट्रैक और हटाने के लिए बेहतर तकनीक और नियम लागू करने की जरूरत है। साथ ही, यूजर्स को भी सतर्क रहना चाहिए और अवैध या गंदे कंटेंट को रिपोर्ट करना चाहिए।
संबंधित खबरें
दिल्ली के 5-स्टार होटल में महिला को वॉशरूम से रोका, वीडियो वायरल
1 day agoफरिश्ता बन बच्चे को किया कैच, बालकनी से फिसलकर गिरा मासूम, देखें Video
2 days agoहिमंता बिस्वा सरमा से शख्स ने मांगा iPhone, वायरल हुआ असम के CM का रिएक्शन
4 days ago'आसमान में आपको कौन बचाएगा?', पायलट मच्छार का पुराना VIDEO हो रहा वायरल
6 days agoDU की छात्राएं क्यों कर रहीं प्रदर्शन? वायरल हुए ये नारे
7 days agoगधे के नाम पर जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट, NSUI ने सिस्टम पर उठाए सवाल
7 days agoViral Video: सांड से टकराकर दो हिस्सों में टूटी लैंड रोवर डिस्कवरी
8 days agoछोड़ी IT की जॉब, चलाने लगीं रैपिडो ऑटो; बोलीं- कॉर्पोरेट से ज्यादा कमाई
8 days agoगुरुग्राम में MCG की मशीन में 'ऑटोमैटिक' क्या है? लोगों ने उठाए सवाल
8 days ago200 टन वजन, 308 पहिए, बेल्जियम टू UP... क्या लदा है 100 फुट लंबे ट्रक पर?
10 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines