---विज्ञापन---

IAS अधिकारी वरुण बरनवाल कौन? साइकिल मैकेनिक का किया काम, पढ़ाई छोड़ी…फिर बने IAS

IAS Varun Baranwal: अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, वरुण ने शुरू में मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर चिकित्सा के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

---विज्ञापन---

Who is IAS Varun Baranwal: कुछ लोगों की सफलता की कहानी मिसाल बन जाती है। ऐसे ही एक आईएएस अधिकारी हैं वरुण बरनवाल। वरुण कभी साइकिल मैकेनिक थे, पिता की मौत हुई तो उन्हें अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी। लेकिन धीरे-धीरे वह अपने लक्ष्य की तरफ कदम बढ़ाते रहे और फिर यूपीएससी एग्जाम पास कर आईएएस बने हैं।

आइए आपको आज इन्हीं प्रेरणदायी व्यक्तित्व के बारे में बताते हैं। वरुण का जन्म महाराष्ट्र के छोटे से जिले पालघर में हुआ था और वह बोइसर के रहने वाले हैं। उनके पिता घर के पास ही साइकिल मैकेनिक का काम करते थे और कम आमदनी के चलते बड़ी मुश्किलों से उनका घर चलता था।

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Delhi Blast: जांच में मिले 2 तरह के विस्फोटक पदार्थ, धमाका कर किसे डराना चाहते थे आरोपी? इन सोशल मीडिया ऐप पर सुराग तलाश रही पुलिस

पिता के देहांत के बाद दुकान पर काम किया

वरुण का रुझान शुरू से ही पढ़ाई की तरफ था, वह स्कूल के बाद अपने पिता की दुकान पर उनकी मदद करते और वहां उन्होंने साइकिल रिपेयरिंग का काम सीखा था। 2006 में अचानक उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद घर चलाने के लिए वरुण दुकान पर बैठने लगे और उनकी पढ़ाई बाधित हुई।

---विज्ञापन---

किताब के पैसे नहीं थे, पिता के दोस्त ने की मदद 

लेकिन दुकान के बाद रात में जब भी उन्हें समय मिलता वह पाठ्यक्रम की किताबें पढ़ा करते थे। एक दिन वरुण को डॉ. काम्पली मिले, जो उनके पिता के दोस्त थे। उन्होंने देखा कि वरुण ने 10वीं कक्षा में अपने स्कूल में टॉप किया है। डॉ. काम्पली ने न केवल वरुण की शुरुआती कॉलेज फीस में मदद करके बल्कि बाद में आईएएस की पढ़ाई करने की उनकी आकांक्षाओं का समर्थन करके भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इंजीनियर बन की नौकरी

अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, वरुण ने शुरू में मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर चिकित्सा के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने का फैसला किया। हालांकि, उन्हें जल्द ही अहसास हुआ कि मेडिकल शिक्षा में काफी पैसे खर्च होंगे। इसके बाद वह इंजीनियरिंग करने एमआईटी कॉलेज पूणे चले गए। इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी की और अपनी पढ़ाई जारी रखी। फिर यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक (AIR) में 32वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बने।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: मेरी रगों में शेर का खून, बेखौफ-अडिग…’, बाबा सिद्दीकी के बेटे ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ भरी हुंकार

First published on: Oct 20, 2024 05:00 PM

IAS
End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola