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वेनेजुएला या ईरान, दुनिया में किस देश के पास है सबसे बड़ा तेल भंडार? फिर भी क्यों है गरीब

वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा तेल की होने लगी है। सबसे ज्यादा तेल भंडारण के सवाल पर लोगों को ईरान याद आता था लेकिन अब वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद से वेनेजुएला के तेल भंडार भी सामने आया है। हालांकि इतना भंडारण होने के बाद भी वेनेजुएला ईरान, सऊदी जैसे देशों से काफी दूर क्यों है, आइए विस्तार से समझते हैं।

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अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रह तनाव इस नतीजे पर पहुंचेगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. नए साल की शुरुआत ही अमेरिका ने एक बड़े एयर स्ट्राइक के साथ की है. अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी सहित गिरफ्तार कर लिया. ट्रंप के इस एक्शन को दुनिया अलग-अलग एंगल से देख रही है. वेनेजुएला के लोगों का आरोप है कि ट्रंप की नजर उनके देश के संसाधनों पर है. बता दें कि वेनेजुएला के पास क्रूड ऑयल का विशाल भंडार है.

वेनेजुएला के पास दुनिया में सबसे बड़ा तेल भंडार है. साल 2023 तक वेनेजुएला का अनुमानित तेल भंडार 303 अरब बैरल था. यह संख्या सऊदी अरब और ईरान से भी अधिक है. लेकिन इसके पास ज्यादातर तेल हैवी क्रूड ऑयल है. यह तेल गाढ़ा और सल्फर युक्त होने के कारण निकालना और रिफाइन करना महंगा और कठिन है. इसलिए वेनेजुएला अपने विशाल तेल भंडार का पूरा फायदा नहीं उठा पाता.

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सऊदी अरब और ईरान के पास कितना तेल?


सऊदी अरब के पास 267 अरब बैरल तेल है और यह दुनिया में सबसे ज्यादा अपने तेल के लिए जाना जाता है. इसके पास ओपेक सदस्यता है और तेल उत्पादन बहुत आसान है. ईरान के पास 209 अरब बैरल तेल भंडार है. लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वतंत्र रूप से तेल नहीं बेच पाता. इसी वजह से तेल होने के बावजूद देश की आर्थिक स्थिति कमजोर है.

फिर क्यों गरीब है वेनेजुएला?


वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार के बावजूद देश गरीब है. इसकी वजह तेल का उच्च घनत्व और तकनीकी कठिनाई, सरकारी कुप्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और निवेश की कमी है. ईरान की आर्थिक स्थिति भी इसी तरह की समस्याओं से प्रभावित है. बेरोजगारी, मुद्रा की गिरावट और महंगाई ने आम नागरिकों की जीवन स्थिति को कमजोर कर दिया है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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