उत्तर प्रदेश के झांसी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे कानपुर हाईवे पर स्थित सेमरी टोल प्लाजा पर एक बेकाबू ट्रक ने कहर बरपाया. टोल बूथ पर दो कारें अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि वहां मौजूद लोग संभल भी नहीं पाए. हादसे के तुरंत बाद टोल प्लाजा पर चीख-पुकार मच गई और अन्य कर्मचारियों में दहशत फैल गई.
मैन्युअल स्कैनिंग कर रहे कर्मचारी के साथ हुआ बड़ा हादसा
हादसे के वक्त टोल बूथ पर तैनात कर्मचारी रमाकांत रिछारिया एक कार का फास्टैग मैन्युअल तरीके से स्कैन कर रहे थे क्योंकि उस समय स्कैनर मशीन काम नहीं कर रही थी. जैसे ही वह कार के सामने पहुंचे पीछे से आए ट्रक ने दोनों खड़ी कारों को अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर लगते ही 56 साल के रमाकांत हवा में उछल गए और सीधे कार के बोनट पर जा गिरे. ट्रक की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि वह कारों और बोनट पर फंसे कर्मचारी को करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया. इस भयानक मंजर को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई.
घायलों का अस्पताल में इलाज और पुलिस की जांच शुरू
इस हादसे में टोल कर्मचारी रमाकांत रिछारिया के साथ-साथ कारों में सवार कई यात्री भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. स्थानीय लोगों और टोल कर्मियों ने मिलकर तुरंत सभी घायलों को ट्रक के नीचे और कारों से बाहर निकाला. आनन-फानन में सभी को मोठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. घायल कर्मचारी रमाकांत जालौन जिले के उरई के रहने वाले बताए जा रहे हैं. सूचना मिलने पर मोठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रक चालक की लापरवाही की जांच कर रही है.
यह भी पढ़ें: प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर बवाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का स्नान से इनकार, शिष्यों की पिटाई का आरोप
हाईवे पर सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर उठते सवाल
कानपुर-झांसी हाईवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार ड्राइविंग और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक की गति इतनी अधिक थी कि चालक ने समय रहते ब्रेक लगाने की कोशिश तक नहीं की. टोल प्लाजा जैसे संवेदनशील इलाकों में जहां वाहनों की कतार होती है वहां इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि टोल के पास गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में रमाकांत जैसे कर्मचारियों और बेगुनाह यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े.
उत्तर प्रदेश के झांसी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे कानपुर हाईवे पर स्थित सेमरी टोल प्लाजा पर एक बेकाबू ट्रक ने कहर बरपाया. टोल बूथ पर दो कारें अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि वहां मौजूद लोग संभल भी नहीं पाए. हादसे के तुरंत बाद टोल प्लाजा पर चीख-पुकार मच गई और अन्य कर्मचारियों में दहशत फैल गई.
मैन्युअल स्कैनिंग कर रहे कर्मचारी के साथ हुआ बड़ा हादसा
हादसे के वक्त टोल बूथ पर तैनात कर्मचारी रमाकांत रिछारिया एक कार का फास्टैग मैन्युअल तरीके से स्कैन कर रहे थे क्योंकि उस समय स्कैनर मशीन काम नहीं कर रही थी. जैसे ही वह कार के सामने पहुंचे पीछे से आए ट्रक ने दोनों खड़ी कारों को अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर लगते ही 56 साल के रमाकांत हवा में उछल गए और सीधे कार के बोनट पर जा गिरे. ट्रक की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि वह कारों और बोनट पर फंसे कर्मचारी को करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया. इस भयानक मंजर को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई.
घायलों का अस्पताल में इलाज और पुलिस की जांच शुरू
इस हादसे में टोल कर्मचारी रमाकांत रिछारिया के साथ-साथ कारों में सवार कई यात्री भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. स्थानीय लोगों और टोल कर्मियों ने मिलकर तुरंत सभी घायलों को ट्रक के नीचे और कारों से बाहर निकाला. आनन-फानन में सभी को मोठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. घायल कर्मचारी रमाकांत जालौन जिले के उरई के रहने वाले बताए जा रहे हैं. सूचना मिलने पर मोठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रक चालक की लापरवाही की जांच कर रही है.
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हाईवे पर सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर उठते सवाल
कानपुर-झांसी हाईवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार ड्राइविंग और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक की गति इतनी अधिक थी कि चालक ने समय रहते ब्रेक लगाने की कोशिश तक नहीं की. टोल प्लाजा जैसे संवेदनशील इलाकों में जहां वाहनों की कतार होती है वहां इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि टोल के पास गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में रमाकांत जैसे कर्मचारियों और बेगुनाह यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े.