आज के समय में के-पॉप (K-pop) और के-ड्रामा (K-drama) का क्रेज यूथ में बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं, लोगों में साउथ कोरिया को लेकर भी क्रेज दिखाई देने लगा है. इसी क्रेज को देखते हुए साउथ कोरिया ने इस साल भारतीय नागरिकों को बड़ा तोहफा दिया है. जिसके चलते अब आप जून 2026 तक बिना किसी वीजा प्रोसेसिंग फीस के साउथ कोरिया की यात्रा कर सकते हैं. कोरिया सरकार ने भारत सहित 6 देशों के लिए ग्रुप वीजा फीस माफी की समय सीमा अगले 6 महीनों के लिए और बढ़ा दी है.
साउथ कोरिया के वित्त मंत्री ने क्या कहा?
दरअसल, साउथ कोरिया के वित्त मंत्री कू यून-चोल ने बताया कि देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसे वे रोकना नहीं चाहते हैं बल्कि उसे और तेज करना चाहते हैं जिससे साउथ कोरिया का टूरिज्म और ज्यादा बढ़े. इसीलिए ग्रुप टूरिस्ट्स के लिए जो छूट इस हफ्ते खत्म होने वाली थी उसे अब 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है.
भारत के अलावा और कौन से देश शामिल?
मिली जानकारी के अनुसार, भारत के साथ-साथ ये सुविधा चीन, वियतनाम, फिलीपींस, इंडोनेशिया और कंबोडिया के टूरिस्ट्स को भी मिलेगी. इन देशों के सैनाली बड़ी संख्या में साउथ कोरिया का टूर प्लान कर रहे हैं जिसके कारण ही इन देशों को लिस्ट में शामिल किया गया है.
बता दें कि यह राहत C-3-2 श्रेणी के ‘शॉर्ट-टर्म ग्रुप वीजा’ पर दी जा रही है. वहीं, अगर आप अपने दोस्तों या फिर परिवार के साथ एक छोटे ग्रुप में साउथ कोरिया घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको करीब 18,000 वॉन यानी लगभग 1100 -1200 भारतीय रुपये की प्रोसेसिंग फीस अब नहीं देनी होगी.
क्यों लिया कोरियाई सरकार ने ये फैसला?
कोरियाई सरकार के इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह वहां के पर्यटन क्षेत्र में आई जबरदस्त तेजी है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नवंबर, 2025 महीने में साउथ कोरिया पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या ने कोविड-19 से पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. नवंबर, 2025 में करीब 16 लाख सैलानियों ने कोरिया ट्रैवल किया, जो साल 2024 के मुकाबले भी 17 प्रतिशत ज्यादा है.
ये आंकड़ा साल 2019 के मुकाबले भी लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा है. साउथ कोरिया आने वालों में सबसे ज्यादा भीड़ चीन और जापान के लोगों की रही. वहीं, दूसरी ओर भारत जैसे उभरते हुए बाजारों से भी ग्रुप ट्रैवल का ट्रेंड अब तेजी से बढ़ रहा है. आसानी से विदेशों की फ्लाइट मिलना और यात्रा नियमों में ढील ने कोरिया को दुनिया का नया ट्रैवल हॉटस्पॉट बना दिया है.










