हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

OMG! 10 साल बाद 'जिंदा' हुआ शिक्षक; 250 बच्चों को फ्री पढ़ाता था, अचानक हो गया लापता

Missing Teacher Found Alive: उत्तर प्रदेश का मृत माना जा चुका टीचर जिंदा मिला है। वह बेहाल हालत में बांग्लादेश सीमा पर पेड़ के नीचे बैठा था। पुलिस ने मानसिक रूप से बीमार टीचर को सोशल मीडिया के जरिए तलाश करके उसे परिजनों के हवाले किया।

विज्ञापन
UP Teacher Found in Bangladesh

Dead Mathematics Teacher Found Alive: अजब तरह का गजब कारनामा हुआ है। एक टीचर जिसे मृत घोषित कर दिया गया था, 10 साल बाद अचानक जिंदा मिल गया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं परिवार के लिए चौंकाने वाला घटनाक्रम भी है, क्योंकि युवक की हालत ठीक नहीं है। वह फटे पुराने कपड़े पहने बिखरे हुए बालों के साथ पेड़ के नीचे बैठा मिला। उसने कई दिन से खाना नहीं खाया था और उसका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ था। किसी ने उस पर तरसा खाकर उसे पुलिस तक पहुंचाया। पुलिस वालों ने उसकी तलाश करते हुए सोशल मीडिया पर फोटो शेयर किया, जिसे परिजनों ने पहचान लिया और वे उसे लेने के लिए थाने पहुंच गए। अब युवक का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने पूरी वेरिफिकेशन करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।

यह भी पढ़ें:बिहार में भीषण हादसा, 5 लोगों की मौत; औरंगाबाद में सोन नदी में समाई कार, मृतकों में 16 साल का नाबालिग

बांग्लादेश बॉर्डर पर मिला उत्तर प्रदेश का टीचर

बता दें कि बांग्लादेश बॉर्डर पर पेट्रापोल इलाके में गीली मिट्टी पर गणित के सवालों को हल करते हुए शख्स को ग्रामीणों ने देखा तो वह चौंक गए। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी अमित कुमार प्रसाद के रूप में हुई है, जो गणित के टीचर थे। प्रसाद के परिवार का पता लगाने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया और हैम रेडियो ऑपरेटरों की मदद ली। उसके पिता और रिश्तेदार उसकी शिनाख्त करने के लिए थाने पहुंचे तो 10 साल से चल रही उनकी तलाश खत्म हो गई। परिजन अमित को मरा हुआ मान चुके थे, लेकिन बेटे को आंखों के सामने जिंदा देखकर पिता गामा प्रसाद की आंखें छलक गईं। उन्होंने पेट्रापोल पुलिस थाना प्रभारी का आभार जताया और उन्हें बताया कि अमित शहर में ही एक स्कूल में गणित का टीचर था, लेकिन वह अचानक लापता हो गया था।

विज्ञापन

यह भी पढ़ेंफर्श पर 5 लाशें और खून ही खून; बिहार की पुलिसवाली के पति ने मां-पत्नी 2 बच्चों की हत्या कर दी जान

5 गांवों के 250 बच्चों को मुफ्त पढ़ाता था अमित

गामा प्रसाद ने कहा कि उनका बेटा अमित स्कूल में पढ़ाने के अलावा 5 गांवों में गरीब परिवारों के 250 से अधिक छात्रों को मुफ्त में गणित पढ़ाता था। गणित के प्रति उसका प्यार बचपन से था, लेकिन अचानक वह मानसिक तनाव में रहने लगा। उसके जिंदा मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। हैम रेडियो ऑपरेटर परिमल रॉय ने कहा कि लोगों ने उसे गीली मिट्टी पर गणित के सवाल हल करते देखा। जब उन्होंने उससे उसकी पहचान पूछी तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। वही नदी के किनारे चला गया। लोग लगातार उससे पूछताछ करते रहे तो उसने कहा कि अकेला छोड़ दो। पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग विश्वास ने बताया कि अमित के परिवार का पता लगाने में मदद के लिए पुलिस ने संपर्क किया था। भारत में हैम रेडियो ऑपरेटरों के नेटवर्क में उसकी तस्वीर वायरल की।

विज्ञापन

यह भी पढ़ेंबिहार के मंदिर में भगदड़ का वीडियो वायरल, 8 लोगों की हुई थी मौत; भीड़ देखकर ही घुटने लगेगा दम

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola