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डॉक्टर्स हुए फेल! AI ने लगाया फ्रैक्चर का पता, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

AI in Healthcare: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया है, जिसमें एक महिला ने दावा किया कि एलन मस्क के ग्रोक चैटबॉट ने उसके बेटी के फ्रैक्चर का पता लगाया, जिसके बारे में डॉक्टर्स भी नहीं बता पाए।

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Edited By : Ankita Pandey Updated: Jan 12, 2025 16:16

Grok Chatbot Fracture Detection: एक मां ने दावा किया है कि एलन मस्क के AI चैटबॉट ‘ग्रोक’ ने उनकी बेटी के फ्रैक्चर का पता लगाया, जिसे डॉक्टर भी नहीं पहचान सके। इस घटना को एक्स पर शेयर किया गया, जिसने हेल्थकेयर में AI के रोल पर बहस छेड़ दी। एजे के नाम की महिला ने एक पोस्ट में अपने अनुभव के बारे में बताया। बता दें कि  इस पोस्ट को 80 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

क्या था मामला?

एजे ने बताया कि उनकी बेटी का एक कार एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसके हाथ में बहुत दर्द हो रहा था। तुरंत जांच करने और एक्स-रे करवाने के बावजूद, डाक्टर्स और रेडियोलॉजिस्ट दोनों ने उसके हाथ में कोई फ्रैक्चर नहीं बताया। हालांकि, वे अपनी बेटी के बिगड़ती हालत के कारण रिपोर्ट से आश्वस्त नहीं थीं, क्योंकि उनकी बेटी के हाथ ठंडे थे और वो अंगूठा हिला नहीं पा रही थी।

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AI ने की मदद

बेटी की बिगड़ती हालत को देखकर एजे ने AI का यूज किया। उन्होंने हाल ही में मस्क के प्लेटफॉर्म द्वारा लॉन्च किए गए AI चैटबॉट ग्रोक की मदद ली। उन्होंने AI पर एक्स-रे अपलोड किए और कई सवाल पूछे। इसके बाद  ग्रोक ने इस पर प्रतिक्रिया दी और डिस्टल रेडियस में एक क्लियर फ्रैक्चर लाइन दिखाई। हालांकि इमरजेंसी केयर टीम ने इस लाइन को केवल उसकी बेटी की ग्रोथ प्लेट कहा, लेकिन ग्रोक ने जोर देकर कहा कि यह एक फ्रैक्चर है।

इस जानकारी के आधार पर, AJ ने एक विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने ग्रोक के डायग्नोसिस को सही कहा और बताया कि यह डिस्टल रेडियस हेड फ्रैक्चर है। डॉक्टर ने यह भी चेतावनी दी कि समय पर इलाज न मिलने पर सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

पोस्ट पर आई प्रतिक्रिया

इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एक बहस छेड़ दी है। एक यूजर ने पोस्ट में कहा कि यह आश्चर्यजनक और भयानक दोनों है। इस मामले में एआई ने मनुष्यों से बेहतर काम किया! वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि डॉक्टर इंसान हैं और गलतियां करते हैं, लेकिन यह दिखाता है कि एआई एक बेहतरीन सेकेंड ओपिनियन दे सकता है।

कुछ अन्य यूजर्स ने संदेह जताते हुए कहा कि क्या हेल्थकेयर जैसी संवेदनशील चीज के लिए एआई पर भरोसा करना चाहिए? हालांकि, एक यूजर ने तारीफ करते हुए कहा कि अगर ग्रोक ने लड़की को गैर-जरूरी सर्जरी से बचाया, तो यह एआई की जीत है!

यह भी पढ़ें – Video : बिहार के ‘टार्जन’ के साथ बाबा रामदेव ने लगाई दौड़, बोले-गजब की फिटनेस है भाई

First published on: Jan 12, 2025 04:16 PM

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