पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान सामने आई कथित गड़बड़ियों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने राज्य सरकार को कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

डायमंड हार्बर पुलिस जिले में चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने में गंभीर चूक के आरोप में चुनाव आयोग ने पांच पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की है. आयोग के निर्देश के मुताबिक डायमंड हार्बर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई, एसडीपीओ साजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने की इंस्पेक्टर इन चार्ज मौसम चक्रवर्ती, फलता थाने के इंस्पेक्टर इन चार्ज अजय बाग और उस्ती थाने की अधिकारी प्रभारी शुभेच्छा बाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि इन अधिकारियों ने चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने में गंभीर लापरवाही बरती. इसके अलावा डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशानी पाल को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. आयोग का कहना है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफलता दिखाई.

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निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं और 25 अप्रैल सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए. यह निर्देश आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा की ओर से जारी पत्र में दिए गए हैं.

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इसी क्रम में चुनाव आयोग ने हिंगलगंज थाना क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी संदीप सरकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने उन पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान कथित पक्षपात, स्थानीय तत्वों से सांठगांठ और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के आरोपों को गंभीर माना है.

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आयोग ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि संदीप सरकार के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए. साथ ही हिंगलगंज पुलिस स्टेशन में नए प्रभारी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव जल्द आयोग को भेजने को भी कहा गया है.

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पहले चरण के मतदान के बाद चुनाव आयोग की इन सख्त कार्रवाइयों को पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है.

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