पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस इस समय अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है. पार्टी के भीतर विधायकों और सांसदों की बगावत के बीच, आसनसोल से लोकसभा सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई थीं. हालांकि, अब 'बिहारी बाबू' ने इन तमाम चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपना रुख साफ कर दिया है.

पीएम मोदी की तारीफ और ममता का साथ

शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल 12 साल पूरे होने पर बधाई दी और उन्हें देश का 'मार्गदर्शक' व अपना मित्र बताया. इस पोस्ट के बाद कयास लगाए जाने लगे कि क्या वे टीएमसी के बागी गुट में शामिल होने जा रहे हैं?

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इंडिया टुडे से बातचीत में इन अटकलों को खारिज करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों से मेरे बारे में कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं. कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि मैं बागी गुट के साथ हूं. मैं साफ कर देना चाहता हूं कि जब मैं मुश्किल दौर में था, तब ममता जी मेरे साथ खड़ी थीं. आज जब उनकी पार्टी कठिन दौर से गुजर रही है, तो मैं उन्हें अकेला छोड़कर नहीं जा सकता.'

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'सच बोलना बगावत है, तो मैं बागी हूं'

पार्टी में जारी अंतर्कलह और अभिषेक बनर्जी को लेकर फैल रहे असंतोष पर बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं. उन्होंने कहा, 'मैं अक्सर कहता हूं कि अगर सच बोलना बगावत है, तो हां, मैं भी बागी हूं. मैंने हमेशा साफ बात की है, लेकिन ममता बनर्जी और टीएमसी के प्रति मेरी निष्ठा अटूट है.'

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साथ ही उन्होंने कहा कि जैसा ममता बनर्जी कहेंगी, वैसा वो करेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक मैं पार्टी में रहूंगा, तब तक ममता बनर्जी की ही सुनूंगा.

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TMC में गहराता संकट

बता दें, पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय भारी उठापटक देखने को मिल रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद के दोनों सदनों को मिलाकर टीएमसी के करीब 19 से 20 सांसद और कई विधायक बागी रुख अपनाए हुए हैं, जिससे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की चिंताएं बढ़ गई हैं. इस महासंकट के बीच शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा जैसे अनुभवी नेताओं का ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहना पार्टी के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है.