त्योहारी सीजन में कोलकाता से दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक खास सुविधा शुरू की है. दुर्गा पूजा से ठीक पहले पूर्व रेलवे ने कोलकाता राजधानी कहलाने वाली हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में पारंपरिक कंबलों को हटाकर सुंदर और हल्के फ्लोरल कम्फर्टर यानि रजाईनुमा चादर देने की शुरुआत की है. यह नई व्यवस्था 11 अक्टूबर से लागू कर दी गई है. त्योहारों के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है. ऐसे में यात्रियों के सफर को अधिक स्वच्छ, प्रीमियम और आरामदायक बनाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है.
रेलवे के अनुसार, अक्सर यात्रियों को भारी और पुराने कंबलों की साफ-सफाई को लेकर शिकायत रहती थी. इस समस्या को दूर करने के लिए नए फ्लोरल कम्फर्टर लाए गए हैं, जो देखने में आकर्षक होने के साथ-साथ इस्तेमाल में बेहद हल्के और आरामदायक हैं.
हर फेरे के बाद होगी धुलाई और सैनिटाइजेशन
पूर्व रेलवे ने स्पष्ट किया है कि हाइजीन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. हर राउंड ट्रिप (आने-जाने के एक पूरे फेरे) के बाद इन सभी कम्फर्टर को अच्छी तरह धोया और सैनिटाइज किया जाएगा, ताकि हर नए यात्री को ताजा और साफ बिस्तर मिले.
फिलहाल सिर्फ फर्स्ट एसी में सुविधा
रेलवे की यह नई व्यवस्था केवल फर्स्ट एसी (1st AC) के यात्रियों के लिए लागू की गई है. सेकंड एसी या थर्ड एसी कोचों को लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है, यानी यह प्रीमियम अपग्रेड अभी केवल प्रथम श्रेणी के यात्रियों को ही मिलेगा. इससे पहले रेलवे ने एसी कोचों में कवर वाले कंबलों का ट्रायल भी शुरू किया था.
देश की पहली राजधानी एक्सप्रेस
हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस देश की पहली राजधानी ट्रेन है, जिसने 3 मार्च 1969 को अपनी पहली यात्रा शुरू की थी. यह ट्रेन गया रूट से 12301/12302 और पटना रूट से 12305/12306 नंबर के साथ कोलकाता को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ती है.