पश्चिम बंगाल की राजनीति में उपजे भारी असंतोष ने अब दिल्ली के सियासी गलियारों और केंद्र सरकार के नंबर गेम को पूरी तरह बदल दिया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में हुई बगावत के बाद, बागी गुट ने नया समीकरण तैयार कर लिया है. चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल में बंगाल की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की धमाकेदार एंट्री हो सकती है, जिससे एनडीए का पूरा गणित बदल गया है.
NCPI बनी NDA में 'नंबर 2'
TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने पार्टी से नाता तोड़कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपा है और 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' के साथ विलय की घोषणा कर दी है. इस बगावत के बाद जहां ममता बनर्जी के पास अब महज 8 सांसद बचे हैं, वहीं चर्चा है कि जल्द ही दो और सांसद पाला बदलकर NCPI में आ सकते हैं, जिससे यह संख्या 22 तक पहुंच सकती है. इस बड़े घटनाक्रम ने एनडीए के भीतर सहयोगी दलों के रसूख को पूरी तरह बदल दिया है.
अब तक भाजपा के बाद चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी (16 सांसद) एनडीए की दूसरी और नीतीश कुमार की जेडीयू (12 सांसद) तीसरी सबसे बड़ी पार्टी थी. 20 सांसदों के साथ अब NCPI सीधे तौर पर एनडीए में बीजेपी के बाद दूसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. इस एंट्री से बीजेपी की टीडीपी और जेडीयू पर निर्भरता काफी कम हो गई है.
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मिल सकते हैं 2 मंत्री पद
सूत्रों के मुताबिक, बागी गुट ने एनडीए को बिना शर्त समर्थन दिया है, लेकिन उनकी इस ताकत को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट में NCPI को दो मंत्री पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है. वर्तमान में मोदी सरकार में कुल 72 मंत्री (30 कैबिनेट, 5 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 37 राज्यमंत्री) हैं, जबकि अधिकतम संख्या 81 हो सकती है. यानी अभी 9 पद खाली हैं.
एनबीटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बारसात से सांसद और इस बागी समूह की अगुवाई कर रही काकोली घोष दस्तीदार, बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय या वरिष्ठ नेता सुदीप बंधोपाध्याय में से किसी एक को कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार का पद मिल सकता है. दूसरे पद के लिए युवा और सेलिब्रेटी चेहरों को तवज्जो दी जा सकती है. इनमें बहरामपुर से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान, जादवपुर से सायोनी घोष या हुगली से सांसद रचना बनर्जी का नाम रेस में आगे चल रहा है.
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इन 20 सांसदों ने बदला पाला
काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाले इस बागी गुट में सुदीप बंधोपाध्याय, यूसुफ पठान, सायोनी घोष, दीपक अधिकारी (देव), रचना बनर्जी, शताब्दी रॉय, माला रॉय, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, बापी हलदर, जगदीश बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, असित माल, मिताली बाग, अबू ताहेर खान, कालीपद सोरेन और जून मालिया शामिल हैं.
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कब होगा कैबिनेट में फेरबदल?
माना जा रहा है कि मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा के बाद पीएम मोदी जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार करेंगे. इसमें खराब प्रदर्शन वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि दो मंत्रियों को राजभवन भेजा जा सकता है. वर्ष 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश (जहां से अभी सर्वाधिक 9 मंत्री हैं), गुजरात और पंजाब को भी इस विस्तार में तरजीह मिलने की उम्मीद है.