Alipur Embankment In Danger: यूपी के बागपत जिले में अलीपुर तटबंध एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है. स्थानीय लोगों को डर है कि ठीक से रखरखाव न होने के कारण मॉनसून के मौसम में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. बारिश शुरू होने और आने वाले हफ्तों में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से बिना देरी किए मरम्मत और सफाई का काम करने की अपील की है.
2023 में आई थी बाढ़
जुलाई 2023 में इस तटबंध का एक हिस्सा टूट गया था, जिससे यमुना का बाढ़ का पानी आस-पास के गांवों और गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी इंडस्ट्रियल एरिया के कुछ हिस्सों में फैल गया था. उस समय, हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था. अधिकारियों के मुताबिक, एक जंगली जानवर की तरफ बनाए गए बिल से पानी का रिसाव शुरू हुआ, जिससे तटबंध कमजोर हो गया और इससे पहले कि इमरजेंसी टीमें कुछ कर पातीं, वो टूट गया.
इन गांवों में भर गया था पानी
इस टूट-फूट के कारण बागपत के सुभानपुर समेत कई गांवों में जबरदस्त बाढ़ आ गई थी. ट्रोनिका सिटी की सैकड़ों फैक्ट्रियों में भी पानी घुस गया, जिससे हजारों मजदूर फंस गए थे. पूजा कॉलोनी, राम पार्क, बदरपुर खादर, जैन कॉलोनी, मीरपुर और पचारा जैसे रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. लोगों को जरूरी सामान की कमी का सामना करना पड़ा और बाढ़ वाली सड़कों पर आने-जाने के लिए उन्हें ट्रैक्टर और अन्य वाहनों पर निर्भर रहना पड़ा.
3 करोड़ में हुई थी मरम्मत
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी और तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ने तटबंध के टूटने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया. बाद में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई. 2023 की बाढ़ के बाद, प्रशासन ने तटबंध की मरम्मत की और लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से उस पर एक सड़क बनाई. 2024 और 2025 के मॉनसून सीजन से पहले एहतियाती रखरखाव और सफाई का काम भी किया गया था.
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स्थानीय लोगों में डर
हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि बारिश का मौसम शुरू होने के बावजूद इस साल कोई खास मरम्मत या सफाई नहीं की गई है. उन्हें डर है कि अगर यमुना का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ता है, तो आस-पास के गांवों और दिल्ली-एनसीआर एरिया के कुछ हिस्सों को वैसी ही बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
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प्रशासन ने क्या कहा?
इन चिंताओं पर रिएक्शन देते हुए सिंचाई विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रजनीश सिंह ने कहा कि नियमित निरीक्षण और गश्त जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि फंड उपलब्ध होने पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाएगी और भरोसा दिलाया कि निगरानी टीमें सतर्क रहेंगी. विभाग के मुताबिक, अभी यमुना नदी के लिए बाढ़ की कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं है.
निष्कर्ष
अलीपुर तटबंध बागपत और दिल्ली-NCR के आस-पास के गांवों के लिए बाढ़ से बचाव का एक अहम ढांचा है. जैसे-जैसे मॉनसून आगे बढ़ रहा है, 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति को दोबारा होने से रोकने के लिए वक्त पर मरम्मत, लगातार निगरानी और बचाव के लिए रखरखाव बहुत जरूरी है. हालांकि अधिकारियों ने नियमित जांच और भविष्य में मरम्मत के काम का भरोसा दिलाया है, लेकिन निवासी उम्मीद कर रहे हैं कि तटबंध को मजबूत करने और जान-माल, घरों, उद्योगों और खेती की जमीन को नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी.