बांके बिहारी के भक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। अब वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं को यातायात की परेशानी से राहत मिलेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वृंदावन बाईपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए एक नया बाईपास बनाया जाएगा। यह बाईपास छटीकरा से होकर गुजरेगा और सीधा यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस नए मार्ग के बनने से वृंदावन में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी और यात्री आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इस परियोजना की योजना तैयार की थी जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
यात्री और श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
हर साल लाखों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं, लेकिन वहां ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बन चुकी है। खासतौर पर त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान भारी भीड़ के कारण शहर में जाम लग जाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वृंदावन बाईपास बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस बाईपास के बनने से यमुना एक्सप्रेसवे से आने वाले यात्री सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से जुड़ सकेंगे और उन्हें वृंदावन के अंदर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे शहर में भीड़ कम होगी।
भक्तों के लिए होगा सफर आसान
यह बाईपास भक्तों और पर्यटकों के लिए बहुत सुविधाजनक होगा। वर्तमान में वृंदावन जाने के लिए यात्रियों को शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है जिससे उन्हें जाम और ट्रैफिक की परेशानी होती है। लेकिन इस नए बाईपास के बनने के बाद वे आसानी से यमुना एक्सप्रेसवे से राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच पाएंगे।
परियोजना का उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वृंदावन में यातायात का बोझ कम करना और यात्रियों को सीधा और तेज मार्ग प्रदान करना है। अभी तक ग्रेटर नोएडा से मथुरा तक कोई ऐसा बाईपास नहीं था जो यमुना एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से जोड़े। लेकिन अब इस नए बाईपास के बनने से यह कमी पूरी हो जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 1,645.72 करोड़ रुपये है। यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के किलोमीटर 129.320 से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 101.200 तक जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस परियोजना से वृंदावन की सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा जिससे स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। साथ ही पर्यटकों और भक्तों के लिए वृंदावन की यात्रा और भी आसान और आरामदायक हो जाएगी।