नोएडा और गाजियाबाद में जहरीली हुई हवा, वायु प्रदूषण के खतरनाक मुहाने पर हैं ये दोनों शहर
Author: Naresh Chaudhary
Oct 20, 2022 07:59 PM IST
Ghaziabad News: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) और नोएडा (Noida) में हवा अब जहरीली होती जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार दिनों से लगातार खराब स्थिति बनी हुई है। बुधवार को गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 276 रहा। इसके आधार पर देशभर में वायु प्रदूषण (Air Pollution) के मामले में गाजियाबाद शीर्ष चौथे स्थान पर रहा।
इसके अलावा नोएडा में भी खुले में हो रहे निर्माण कार्यों के कारण प्रदूषण के लिए 27 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। गाजियाबाद के संजय नगर, राज नगर एक्सटेंशन (आरएनई), सिद्धार्थ विहार, लोनी आदि स्थानों पर स्थिति चिंता जनक है। बावजूद इसके अधिकारियों ने दावा किया है कि इसकी जांच के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रदूषण रोकने को GRAP के तहत दिए ये जुझाव
जानकारी के मुताबिक इसी साल अगस्त में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को चार चरणों में लागू करने के लिए निर्देश जारी किया था। इसके तहत धूल शमन, नगरपालिका, खतरनाक कचरे की जांच, सड़कों पर पानी का छिड़काव, सड़कों की मशीनीकृत सफाई, निर्माण स्थलों की निगरानी समेत कई सुझाव दिए थे।
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गाजियाबाद प्रशासन ने जिले में साहिबाबाद, राजनगर एक्सटेंशन (आरएनई), लोनी, भोपुरा-दिल्ली सीमा, दक्षिण की ओर औद्योगिक क्षेत्र, संजय नगर, वसुंधरा, सिद्धार्थ विहार और इंदिरापुरम समेत 10 स्थानों की हॉटस्पॉट के रूप में पहचान की है। हालांकि इन जगहों पर चार दिनों से एक ही स्थिति बनी हुई है।
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नोएडा में प्रदूषण पर ₹27 लाख का जुर्माना लगाया
नोएडा में निर्माण सामग्री को खुले में रखने के लिए पृथला चौक पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण करने वाली निजी कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ शहर में सोमवार से निरीक्षण शुरू किया है। नोएडा में GRAP के तहत विभिन्न श्रेणियों के प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इनमें निर्माण स्थल, बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे का परिवहन, पराली जलाने पर जांच, पटाखा फोड़ना, वाहनों का उपयोग और औद्योगिक उत्सर्जन आदि शामिल हैं। अलग-अलग जगहों पर सोमवार को लगभग ₹9.5 लाख का जुर्माना लगाया गया, जबकि मंगलवार को ₹17.6 लाख का जुर्माना लगाया गया
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