पुलिसकर्मियों ने किसान को अगवा कर फिरौती लेकर छोड़ा... बरेली से आया हैरान करने वाला मामला

बरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक किसान का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने अपने दो सिपाहियों के साथ उसे बंधक बनाकर रखा। छोड़ने के लिए उससे अवैध वसूली भी की गई। इस पूरे मामले में तीनों पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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(नीरज आनंद): बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की लाख कोशिशों के बाद भी भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाने के कस्बा चौकी इंचार्ज का है, जहां एक किसान को अवैध तमंचे में जेल भेजने की धमकी देकर बंधक बनाकर मारपीट की गई। साथ ही किसान से दो लाख रुपये भी वसूले गए। अवैध वसूली की जानकारी सीनियर पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को दी गई, तो उन्होंने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए। किसान की तहरीर पर एक चौकी प्रभारी दरोगा और दो सिपाहियों समेत तीन पर कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन सभी को सस्पेंड भी कर दिया गया।

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क्या है पूरा मामला?

बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में भिटौरा के रहने वाले बलवीर सिंह खेती-किसानी कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। किसान बलवीर का आरोप है कि गुरुवार दोपहर जब वह अपने घर में मौजूद थे कि तभी फतेहगंज पश्चिमी थाने के कस्बा चौकी इंचार्ज दरोगा बलवीर सिंह अपने दो कांस्टेबल साथी हिमांशु तोमर और मोहित कुमार के साथ जबरन घर में घुस गए। किसान बलवीर सिंह का आरोप है कि चौकी चार्ज दरोगा बलवीर सिंह और सिपाहियों ने अवैध तमंचा उनके हाथ में रख दिया। इसके बाद उनकी और उनके बेटे के साथ फोटो और वीडियो बना लीं। उन्होंने अवैध तमंचे के आरोप में किसान बलवीर और उसके बेटे की जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। गाली-गलौज कर जबरन बलवीर सिंह को वे बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए।

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बंद पड़ी फैक्ट्री में बनाया बंधक

किसान बलवीर सिंह का आरोप है कि चौकी इंचार्ज दरोगा बलवीर सिंह अपने दो सिपाहियों के साथ उसे जबरन घर से फतेहगंज पश्चिमी थाने के पास बंद पड़ी रबर फैक्ट्री के मकान में ले गए। वहां पर कई घंटे तक उसको बंधक बनाकर रखा गया। किसान ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली गलौज कर मारपीट भी की और जेल भेजने की धमकी दी। पुलिसवालों ने किसान से 300000 रुपये की मांग की और न देने पर बलबीर और उसके बेटे की जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देने लगे। जिसके बाद परेशान किसान बलवीर ने अपने भतीजे के जरिए 200000 रुपये चौकी इंचार्ज दरोगा को दिए, इसके बाद उन्होंने किसान को छोड़ा।

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तीनों पुलिसकर्मियों फरार

किसान बलवीर सिंह को अवैध रूप से बंधक बनाकर गाली गलौज कर फर्जी मामले में जेल भेजने की देखने की धमकी देकर दो लाख रुपये लेने की जानकारी जैसे ही सीनियर पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को लगी, तो उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच सीओ हाईवे नीलेश मिश्रा को दी। सीओ हाइवे नीलेश मिश्रा गुरुवार देर शाम किसान बलवीर सिंह के घर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली, जिसके बाद आरोप सही पाए जाने के बाद अपनी जांच रिपोर्ट सीनियर पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को सौंप दी।

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जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद किसान बलवीर सिंह की तहरीर पर गुरुवार की रात को चौकी इंचार्ज दरोगा बलवीर सिंह, कांस्टेबल हिमांशु तोमर और कांस्टेबल मोहित कुमार के खिलाफ BNS की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज का तत्काल को सस्पेंड कर दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही तीनों पुलिसकर्मी फरार हो गए।

ऐसे पुलिसवालों पर हो रही कार्रवाई

सीनियर पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि कस्बा चौकी इंचार्ज दरोगा बलवीर सिंह और दो सिपाहियों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभाग की जांच के आदेश दिए गए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि इस तरह के गलत कामों में लिप्त रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, अच्छे काम कर रहे पुलिसकर्मियों को इनाम भी दिए जा रहे हैं।

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लेखक के बारे में

Shabnaz

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शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
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