कानपुर अग्निकांड में जान गंवाने वाले 6 लोग कौन थे, जिसमें छठे को किस्मत ने दिया दगा

कानपुर में 5 मंजिला इमारत में आग लगने से जिंदा जलकर मरने वाले 5 लोगों की शिनाख्त हो गई है, लेकिन छठे मृतक के बारे में पता नहीं चला है। आइए जानते हैं कि हादसे में जान गंवाने वाले लोग कौन हैं‌?

Kanpur Building Fire

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 5 मंजिला इमारत में हुए अग्निकांड में मारे गए लोगों की पहचान हो गई है। चमनगंज के गांधीनगर में हुए हादसे में जूता व्यापारी समेत परिवार के 5 सदस्यों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि हादसे में बच्चों को पढ़ाने वाली ट्यूशन टीचर की जान भी गई है। हादसे में जान गंवाने वाले जूता व्यापारी और उसके परिवार की पहचान हो गई है।

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लेकिन जिस ट्यूशन टीचर के हादसे में मारे जाने की चर्चा है, उसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चला है। वहीं हादसे में जान गंवाने वालों के नाम 45 वर्षीय दानिश, उसकी 42 साल की पत्नी नाजनीन, 15 साल की बेटी सारा, 12 साल की बेटी सिमरा और 7 साल की बेटी इनाया शामिल हैं। पांचों शव बरामद हो गए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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दानिश के पिता बचकर निकले बाहर

कानपुर पुलिस के अनुसार, आग लगते ही बिल्डिंग में मौजूद लोगों ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन जूता व्यापारी दानिश के पिता अकील बाहर निकल पाए। कासिफ के परिवार को पड़ोसियों ने खिड़की के शीशे तोड़कर बाहर निकाला, लेकिन दानिश और उसके परिवार को कोई निकाल नहीं पाया। आग बुझाए जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी।

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दानिश के पिता अकील ने बताया कि आग लगते ही उन्होंने दानिश को फोन किया। दानिश ने फोन उठाया और हेलो कहा, लेकिन वह सिर्फ हेलो कहा पाया, इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। वहीं पड़ोसियों ने बताया कि दानिश एक बार बाहर निकल आया था, लेकिन वह वापस घर के अंदर चला गया, शायद पत्नी और बच्चों के बचाने के लिए गया होगा।

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7 घंटे में बुझाई जा सकी आग

फायर ब्रिगेड चीफ दीपक ने बताया कि आग लगने की कॉल आते ही 10 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। आस-पास के शहरों से भी फायर ब्रिगेड बुलाई गई। करीब 70 फायर कर्मियों ने मिलकर 7 घंटे कड़ी मशक्कत करके आग बुझाई। पहले लोग आग बुझाने में जुटे। फिर 4 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। 6 दमकल वाहन और बुलाए गए, तब तक आग चौथी मंजिल तक पहुंच गई थी। और फायर ब्रिगेड बुलाई गईं, जिनके साथ फायर कर्मी भी आए।

करीब 7 घंटे बाद अलसुबह 3 बजे 70 से ज्यादा फायर फाइटर्स, SDRF, पुलिस के जवान और पड़ोस आग बुझाने में कामयाब हुए। फायर फाइटर्स सीढ़ी के जरिए बिल्डिंग के अंदर घुसे, लेकिन धुंआ होने के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई। क्योंकि जूते का कारखाना था, जिसमें डेन्ड्राइड केमिकल था। इससे जूते के सोल की पेस्टिंग की जाती है। इस केमिकल में  पेट्रोल भी होता है, इसलिए आग बार-बार भड़क रही थी।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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