Hospital Staff Carelessness Destroyed New Born Baby Life: इसे बदकिस्मती ही कहेंगे कि दुनिया में आकर आंखें भी नहीं खुली थीं कि वापस जाने का संकेत मिल गया, लेकिन अब दुनिया में आए हैं तो जितनी जिंदगी भगवान ने लिखी होगी, उतना जीना ही पड़ेगा, फिर चाहे हालात कैसे भी हों? ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में सामने आया। जहां एक बच्चा दुनिया में आया, आंखें भी नहीं खुली थीं कि उसे दुनिया से वापस जाने का संकेत मिल गया।
पीड़ित पिता की कार्रवाई की मांग
दरअसल, अस्पताल में स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण एक बच्चे की जिंदगी खिलने से पहले ही बर्बाद हो गई। बच्चे की हालत इस समय ऐसी है कि उसे देखकर मां-बाप की खुशियां मातम में बदल गईं। दरअसल, जैसे ही नर्स ने नवजात को हाथों में लिया, वह अचानक छूट गया। नीचे गिरने से उसका हाथ टूट गया। आंख में चोट लगी। दिमाग की नसें भी दब गईं। हालांकि नवजात का इलाज किया जा रहा है, लेकिन बच्चे के पिता ने कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि उन्हें अपने बच्चे की हालत ठीक नहीं लग रही है।
DM ने जारी किए जांच के आदेश
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की इसमें लापरवाही सामने आई है। नवजात के पिता की शिकायत पर DM ने जांच के आदेश दिए हैं। सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे नगवा गांव निवासी नवजात के पिता वृजभार गुप्ता ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने लापरवाह अस्पताल कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित ने बताया कि 22 सितंबर को उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी लाया गया था, जहां शाम को बेटे का जन्म हुआ।
CMO ने तलब की मामले की रिपोर्ट
पीड़ित ने बताया कि बच्चा पैदा होने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने लापरवाही बरती। एक नर्स ने उसके बेटे को जानबूझकर नीचे गिरा दिया, जिससे उसे काफी चोटें लगी। नवजात को इलाज के लिए सिद्धार्थनगर के निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। खुशी क्या मनाएंगे, बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो गई। उसके इलाज पर भी काफी पैसा खर्च होगा। आर्थिक हालात पहले ही नाजुक हैं। वहीं इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद CMO डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि मामले की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।