ब्रह्मकुमारी के नाम पर धोखाधड़ी के बाद 2 बहनों ने की आत्महत्या! 4 पन्ने के सुसाइड नोट ने खोले 'गंदे दरवाजे'

Many sisters committed suicide Brahmakumari Ashram: मृतक बहनों ने 4 पन्नों के सुसाइड नोट में आश्रम के कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए आश्रम से जुड़े कई राज खोले हैं, अब पुलिस भी उस सुसाइड नोट के जरिए आश्रम की परते उठाने में जुट गई है। बताया जाता है कि दोनों बहनों ने आत्महत्या से पहले आश्रम के कर्मचारियों पर आश्रम में अनैतिक कार्य होने का आरोप लगाया है।

agra suicide note

Many sisters committed suicide Brahmakumari Ashram: यूपी के आगरा में बीती शुक्रवार रात ब्रह्मकुमारी आश्रम में दो बहनों के सुसाइड का मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम ने अपनी जांच तेज कर दी है। वहीं, इस मामले में मृतक बहनों में 32 वर्षीय शिखा ने एक पेज का सुसाइड नोट और 38 वर्षीय एकता ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसे लेकर ब्रह्मकुमारी आश्रम की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। मृतक बहनों ने 4 पन्नों के सुसाइड नोट में आश्रम के कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए आश्रम से जुड़े कई राज खोले हैं, अब पुलिस भी उस सुसाइड नोट के जरिए आश्रम की परते उठाने में जुट गई है। बताया जाता है कि दोनों बहनों ने आत्महत्या से पहले आश्रम के कर्मचारियों पर आश्रम में अनैतिक कार्य होने का आरोप लगाया है।

सुसाइड नोट में आश्रम के इन कर्मचारियों का नाम किया शामिल

मामले की छानबीन में जुटी पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, मृतक दोनों बहनें एकता और शिखा ने बीते आठ साल पहले ब्रह्माकुमारी की दीक्षा ली थी। दीक्षा के बाद उनके घरवालों ने जगनेर में एक ब्रह्माकुमारी केंद्र बनवा दिया था और इसी केंद्र में दोनों बहनें रह रही थीं। सुसाइड नोट के जरिए खुलासा हुआ है कि दोनों बहनें बीते 1 साल से आश्रम में चल रहीं गतिविधियों को लेकर परेशान थीं और बाद में इसी परेशानी के चलते उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला लिया। दोनों बहनों ने अपनी मौत का जिम्मेदार आश्रम में रहकर ब्रह्मकुमारी के लिए काम करने वाले नीरज सिंघल, धौलपुर के रहने वाले ताराचंद, नीरज के पिता और ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली एक महिला को बताया है।

आश्रम में चल रहा था धोखाधड़ी का खेल

मौत को गले लगाने वाली दोनों बहनों ने ब्रह्मकुमारी आश्रम को लेकर यहां चल रहे धोखाधड़ी के खेल का खुलासा किया है। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि ब्रह्मकुमारी केंद्र में रहने का नीरज ने आश्वासन दिया था, लेकिन केंद्र बनने के बाद उसने उन बहनों से बात करना बंद कर दिया। सुसाइड नोट में लिखा कि 15 साल साथ रहने के बाद भी नीरज नाम का व्यक्ति ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली महिला के साथ संबंध बनाता रहा। मामले में मृतक बहनों ने नीरज, उसके पिता और ग्वालियर की महिला पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। सुसाइड नोट में लिखा कि चारों ने हमारे साथ गद्दारी की है। हमारे पिता ने प्लाट के लिए 7 लाख रुपये आश्रम के जुड़े लोगों को दिए थे। यही नहीं, आरोपियों की ओर से 18 लाख रुपये गरीब माताओं से भी लिए गए हैं। बहनों ने सुसाइड नोट में लिखा है कि केंद्र में साथ रहने वाले नीरज और महिला मृतक बहनों को धोखा देकर करीब एक वर्ष पहले 25 लाख रुपये लेकर चले गए और इस धनराशि को अपने व्यक्तिगत स्वार्थ में खर्च कर ग्वालियर में एक फ्लैट ले लिया।

आश्रम में महिलाओं के साथ किया जाता है अनैतिक कार्य

बहनों की ओर से लिखे गए सुसाइड नोट में बताया गया है कि आरोपी चारों लोग पैसे हड़पने के साथ आश्रम में महिलाओं के साथ अनैतिक काम करते हैं। मामले को लेकर जब इन लोगों से सवाल होता है तो कहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। एकता ने कहा है कि उनके सुसाइड नोट को मुन्नी बहन और मृत्युंजय भाई के पास पहुंचा दिया जाए। इसके साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बहनों ने नोट के जरिए खुलासा करते हुए बताया कि आश्रम में इन गतिविधियों के चलते कई बहनें सुसाइड कर लेती हैं और ये लोग छिपा लेते हैं।

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