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केदारनाथ जाने से पहले पढ़ लें यह खबर, टिकट बुकिंग के नाम पर कैसे ठगी को अंजाम दे रहे जालसाज?

अगर आप इस बार केदारनाथ यात्रा करने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए अहम खबर है। इस बार टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पुलिस ने स्पेशल तैयारी की है। उत्तराखंड एसटीएफ की स्पेशल टीम बनाई गई है। टीम ने लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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केदारनाथ धाम यात्रा 2025 के लिए 8 अप्रैल से हेली सेवा बुकिंग शुरू हो गई है। अगर आप केदारनाथ यात्रा करने की सोच रहे हैं और हेलीकॉप्टर बुक करवाना चाहते हैं तो साइबर ठगों से बचकर रहें। ठगी रोकने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ ने स्पेशल प्लान बनाया है। लोगों से अपील की गई है कि वे बुकिंग करते समय सावधानी बरतें। दरअसल हर साल फर्जीवाड़े के काफी मामले सामने आते हैं। साइबर ठग हेली सेवा बुकिंग के नाम पर भक्तों को मोटा चूना लगा जाते हैं। ठगी के बाद लोगों के पास शिकायत देने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होता। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अपील की है कि अगर लोग पहले से अवेयर रहेंगे तो ठग उनको चूना नहीं लगा पाएंगे। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एसटीएफ ने साइबर थाने में टीम तैयार की है।

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यह टीम सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को जागरूक करने का काम भी करेगी। अधिकारियों ने केदारनाथ हेली सेवा और उत्तराखंड चारधाम के नाम से चलने वाली कई फर्जी वेबसाइटों को बंद करवा दिया है, ताकि लोगों के साथ फ्रॉड न हो सके। हर साल हेली सेवा बुकिंग के नाम पर ठगी के सैकड़ों मामले सामने आते हैं। साइबर ठग हजारों रुपये लेकर फर्जी टिकट भेज देते हैं। 2023 की बात करें तो ठगी के 40 मामले सामने आए थे। 2024 में पुलिस की ओर से 45 फर्जी फेसबुक पेज और 85 फर्जी वेबसाइटों को बंद करवाया गया था। इन वेबसाइटों पर हेली सेवाओं को बुक करने संबंधी फर्जी विज्ञापन दिखाए गए थे।

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जानिए कैसे जाल में फंसाते हैं ठग?

शातिर ठग हेली कंपनियों के लोगो और नाम का इस्तेमाल करते हैं, वेबसाइट ऐसी बनाई जाती है, जो एकदम आधिकारिक लगती है। किसी को शक नहीं होता। इन वेबसाइटों पर कॉन्टैक्ट अस नाम का कॉलम होता है, जिसमें मोबाइल नंबर दर्ज होता है। असली साइट पर ऐसा कोई मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होता। धोखेबाजी में लोग इन साइटों के जरिए फर्जी हेली टिकट बुक लेते हैं। उनको बाद में पता लगता है कि फर्जीवाड़ा किया गया है।

कहां से करें बुकिंग?

पिछले साल की बात करें तो टिकट बुकिंग का काम सरकार ने आईआरसीटीसी (IRCTC) को सौंपा था। आधिकारिक वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in से टिकट बुक किया जा सकता है। इस वेबसाइट पर कोई मोबाइल नंबर नहीं है। एसटीएफ ने जो टीम गठित की है, उसमें 4 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये टीम सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों, वेबसाइटों और विभिन्न पोस्टों पर नजर रखेगी। पुलिस की ओर से भी जागरूकता के लिए कार्यक्रम भी ऑनलाइन चलाए जाएंगे। अगर किसी के साथ हेली सेवा के टिकट बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी हुई तो केस दर्ज होगा।

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ऐसे करें बचाव

अगर किसी वेबसाइट पर आपसे लुभावने वादे यानी टिकटों में छूट, एक के साथ एक टिकट फ्री किए जा रहे हैं तो समझ जाएं कि फर्जीवाड़ा है। असल वेबसाइट पर एक निर्धारित पेमेंट गेटवे का यूज होता है, जबकि नकली वेबसाइट पर ठग निजी खातों में पैसे जमा करवाते हैं। फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए भी ठग यात्रा करवाने का झांसा देते हैं। पिछले साल 9 ठग पुलिस ने अरेस्ट किए थे। 8 हरिद्वार तो 1 ठग ऋषिकेश का था। ये ट्रेवल एजेंट यात्रियों के फर्जी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बनाते थे। पुलिस जांच में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन नकली मिलने पर इनके खिलाफ एक्शन लिया गया।

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