समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 700 करोड़ बैंक फ्रॉड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके ठिकानों पर रेड मारी है। 3 राज्यों में उनके 10 ठिकानों पर छापेमारी कार्रवाई चल रही है। विनय शंकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और बाहुबली नेता रहे हरि शंकर तिवारी के बेटे हैं।
700 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सपा नेता और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की अलग-अलग टीमें यूपी, दिल्ली और मुंबई में उनके 10 ठिकानों पर पहुंचीं और छानबीन कर रही हैं। विनय शंकर तिवारी गंगोत्री एंटरप्राइजेज के प्रमोटर हैं, जो सरकारी ठेके लेने वाली फर्म है।
नोटिस पर ED के सामने पेश नहीं हुए थे विनय शंकर तिवारी
रेड मारने से पहले ईडी ने विनय शंकर तिवारी को कई नोटिस भेजे, लेकिन वे जांच एजेंसी के सामने नहीं पेश हुए। इस पर एजेंसी ने सोमवार को उनके घर, दफ्तर और अन्य ठिकानों पर छापा मार दिया, जिससे हड़कंप मच गया। ईडी के अधिकारी तलाशी ले रही है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पता चला है कि गंगोत्री इंटरप्राइजेज ने बैंकों के कंसोर्टियम से 1129.44 करोड़ रुपये का कर्ज (सीसी लिमिट) लिया था, जिसमें से करीब 750 करोड़ रुपये वापस नहीं किए गए थे।
हरि शंकर तिवारी के बेटे हैं विनय शंकर तिवारी
विनय शंकर तिवारी के पिता हरि शंकर तिवारी पूर्वांचल के कद्दावर नेता और बाहुबली थे। उनके पिता कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। ED ने सुबह-सुबह विनय शंकर तिवारी की कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेज के 11 ठिकानों पर रेड मारी।