Thursday, 25 April, 2024

---विज्ञापन---

Greater Noida: ठंड में लावारिस हालत में मिली नवजात, थानेदार की पत्नी ने उठाया और फिर सीने से लगाकर…

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में एक दंपत्ति ने अपने नवजात बच्ची को ठंड में लावारिस छोड़ दिया। इसकी जानकारी के बाद थानेदार की पत्नी मौके पर पहुंची और नवजात को सीने से लगा लिया। हर कोई थानेदारी की पत्नी की जमकर तारीफ कर रहा है। मामला नॉलेज पार्क इलाके का बताया जा रहा है। जानकारी […]

Edited By : Om Pratap | Updated: Dec 24, 2022 10:37
Share :

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में एक दंपत्ति ने अपने नवजात बच्ची को ठंड में लावारिस छोड़ दिया। इसकी जानकारी के बाद थानेदार की पत्नी मौके पर पहुंची और नवजात को सीने से लगा लिया। हर कोई थानेदारी की पत्नी की जमकर तारीफ कर रहा है।

मामला नॉलेज पार्क इलाके का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 20 दिसंबर को नॉलेज पार्क इलाके में झाड़ियों के अंदर नवजात एक कपड़े में लिपटी मिली थी और ठंड के कारण उसकी हालत बहुत गंभीर थी। इसकी जानकारी के बाद एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) की पत्नी मौके पर पहुंची और माता-पिता द्वारा ठंड में छोड़े गए बच्ची को स्तनपान कराया और उसकी जान बचाई।

भूख और ठंड से बिलख रही थी नवजात

भूख और ठंड के कारण बच्ची बेसुध होकर रो रही थी। पुलिस जानती थी कि बच्चे को मां के दूध के अलावा कुछ नहीं पिलाया जा सकता। एसएचओ की पत्नी, ज्योति सिंह ने भूख से रोते हुए शिशु को स्तनपान कराने की इच्छा जताई।

और पढ़िएउत्तर भारत में ठंड का कहर; घना कोहरा… शीतलहर के बीच देरी से चल रही हैं 21 ट्रेनें, देखें पूरी लिस्ट

अधिकारियों ने कहा कि शिशु को अब एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने कहा कि उन्हें अभी तक उसके माता-पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं है जिन्होंने उसे छोड़ दिया था।

ज्योति सिंह बोलीं- बच्चों का परित्याग न करें

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए ज्योति सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों का परित्याग न करें। उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कोई एक बच्चे के साथ ऐसा कैसे कर सकता है? बच्ची को तड़पता देखकर मुझे बहुत बुरा लगा और रोने का मन हो रहा था। मैं खड़े रहकर उसे भूख से रोते हुए नहीं देख सकती थी और मैंने उसे स्तनपान कराने का फैसला किया।

और पढ़िए –Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा का आज 108वां दिन, दिल्ली में मार्च कर रहे हैं राहुल गांधी

ज्योति सिंह ने कहा कि मैंने मैं एक संदेश देना चाहती हूं कि अगर किसी को अपने बच्चों की देखभाल करने में कोई समस्या है, तो उन्हें उन्हें अनाथालय या एनजीओ जैसी सुरक्षित जगह पर ले जाना चाहिए, जहां उनका पालन-पोषण हो सके। इस तरह के कृत्य निंदनीय हैं।

और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

First published on: Dec 24, 2022 09:35 AM
संबंधित खबरें