हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

मुख्तार अंसारी के करीबी शादाब अहमद पर ED का बड़ा एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग केस में 2.03 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ED major action against Shadab Ahmed: मुख्तार अंसारी से जुड़े शादाब अहमद पर ED का बड़ा एक्शन हुआ है. मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की प्रयागराज शाखा ने शादाब अहमद की 2.03 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं.

विज्ञापन

ED major action against Shadab Ahmed: Directorate of Enforcement (ED) प्रयागराज ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 2.03 करोड़ रुपये की छह अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है. ये संपत्तियां गाज़ीपुर की फर्म M/s विकास कंस्ट्रक्शन से जुड़े मामले में अटैच की गई हैं. यह कंपनी स्व. मुख्तार अंसारी और उनके साथियों द्वारा संचालित बताई जाती है. जिन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई है, वे शादाब अहमद और उनकी पत्नी के नाम पर हैं. शादाब, मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता है.

लुकआउट नोटिस पर दुबई से लौटते ही गिरफ्तारी

अक्टूबर 2025 में ED द्वारा जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर, शादाब अहमद को लखनऊ एयरपोर्ट पर शारजाह से लौटते समय हिरासत में ले लिया गया. बाद में उन्हें स्पेशल जज (PMLA/CBI), लखनऊ की कोर्ट में पेश किया गया, जहां नॉन–बेलेबल वारंट के तहत उनकी न्यायिक हिरासत तय हुई. 31 अक्टूबर 2025 को ED प्रयागराज ने उनकी कस्टडी हासिल की.

यह भी पढ़ें: फर्जी समन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचने के लिए क्या करें? ED ने बताया जांच करने का तरीका, यहां जानिए प्रक्रिया

विज्ञापन

सरकारी जमीन पर बने अवैध गोदाम, FCI को किराए पर दिए

ED की जांच दो FIRs के आधार पर शुरू हुई, जो मौ और गाज़ीपुर के थानों में दर्ज थीं. जांच में सामने आया कि विकास कंस्ट्रक्शन ने मौ के रैनी गाँव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर गोदाम बनाया.
इसके बाद गाज़ीपुर में भी अवैध निर्माण किया. इन दोनों गोदामों को बाद में FCI (Food Corporation of India) को किराए पर दिया गया. किराए और NABARD सब्सिडी के जरिए करोड़ों रुपये की कमाई हुई, जबकि जमीन सरकारी थी. अब तक ED ने लगभग 27.72 करोड़ रुपये के Proceeds of Crime (POC) का पता लगाया है.

2022 से फरार, 10 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग में बड़ा रोल

ED की 2022 में की गई सर्च के बाद से शादाब अहमद फरार चल रहा था. कस्टडी में पूछताछ के दौरान पता चला कि शादाब ने करीब 10 करोड़ रुपये के अवैध धन को अलग-अलग लेयर्स में छुपाने और घुमाने में अहम भूमिका निभाई. वह दो कंपनियों Aaghaaz Project & Engineering Pvt. Ltd. और Inizio Network Solution Pvt. Ltd. — का डायरेक्टर और फाइनेंशियल ऑपरेटर था. इन दोनों कंपनियों के बैंक खातों से वह मुख्तार नेटवर्क द्वारा कमाए गए अवैध पैसों को बिज़नेस ट्रांज़ैक्शन की आड़ में घुमा-फिरा कर दूसरी जगह भेजता था. जांच में यह साफ हो गया कि दोनों कंपनियों के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई.

विज्ञापन

सैलरी और लोन के नाम पर पैसा लेकर बनाई संपत्तियां

ED के मुताबिक, अपनी भूमिका के बदले शादाब को 1.91 करोड़ रुपये सैलरी के नाम पर 74 लाख रुपये अनसिक्योर्ड लोन के रूप में दिए गए और इसी पैसे से उसने वे संपत्तियां खरीदीं जिन्हें ED ने अब अटैच कर दिया है. अब तक कुल 8.43 करोड़ की संपत्तियां अटैच यह इस केस में चौथा अटैचमेंट ऑर्डर है. इससे पहले भी कई संपत्तियों पर कार्रवाई हो चुकी है और कुल अटैचमेंट की राशि अब 8.43 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. ED का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें: यूपी में ED का बड़ा एक्शन, छांगुर बाबा और नवीन रोहरा की प्रॉपर्टी अटैच, हिंदू परिवारों को करते थे टारगेट

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola