दिल्ली-NCR से उत्तराखंड और चारधाम यात्रा के लिए जाने वालों का सफर 7 घंटे कम होने वाला है. क्योंकि केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिस पर मेरठ-ऋषिकेश-हरिद्वार नमो भारत ट्रेन दौड़ेगी. दिल्ली-NCR से इस ट्रेन के जरिए ऋषिकेश, कर्णप्रयाग, हरिद्वार, केदारनाथ, बद्रीनाथ जाने में कम समय लगेगा. केदारनाथ-बद्रीनाथ का 80 प्रतिशत सफर ट्रेन से संभव होगा. दिल्ली से कर्णप्रयाग जानें में 5 घंटे लगेंगे और दिल्ली से ऋषिकेश की 6 से 7 घंटे की दूरी सिर्फ 2 से 2.30 घंटे में पूरी हो जाएगी. दिल्ली-मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत रैपिड रेल भी 2029 तक लॉन्च हो जाएगी.
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2029 तक रेल लाइन के उद्घाटन की योजना
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के DGM ओपी मालगुडी के अनुसार, बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है. यह प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो साल 2029 तक पूरा करके उद्घाटन करने का प्लान है. लेकिन शिवपुरी और ब्यासी तक ट्रेन साल 2028 से चलने लगेगी. वहीं इस रेल लाइन से सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के तीर्थयात्रियों को होगा. नमो भारत रैपिड रेल मेरठ से मुजफ्फरनगर के रास्ते हरिद्वार और ऋषिकेश तक भी चलाने की योजना है. दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन पहले ही दौड़ रही है, जिससे हर रोज लाखों लोग मेरठ आते-जाते हैं.
रेल लाइन से लोगों का फायदा ऐसा होगा
बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से लोगों का बड़ा फायदा होगा. क्योंकि अभी बस या कार से दिल्ली से कर्णप्रयाग जानें में करीब 13 घंटे लगते हैं और वंदे भारत ट्रेन से पहले दिल्ली से ऋषिकेश जाने में 4 घंटे और ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 2.30 घंटे लगेंगे. लेकिन नई रेल लाइन पर नमो भारत रैपिड रेल से दिल्ली से कर्णप्रयाग 5 से 6 घंटे पहुंच जाएंगे. हरिद्वार या ऋषिकेश उतरकर घुमावदार पहाड़ी रास्तों से होते हुए करीब 7-8 घंटे के बस-टैक्सी सफर नहीं करना पड़ेगा. रेल लाइन पर 12 रेलवे स्टेशन होंगे, जिनमें से ज्यादातर रेलवे स्टेशन सुरंगों के अंदर होंगे. भूस्खलन होने, मलबा गिरने और भारी बारिश में भी ट्रेन नहीं रुकेगी. चीन सीमा (LAC) के करीब होने की वजह से यह रेल लाइन भारतीय सेना के काम भी आएगी.
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रेल लाइन से चारधाम यात्रा आसान होगी
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से चारधाम यात्रियों का फायदा होगा. क्योंकि वर्तमान में सड़क से होते हुए ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम जाने में 11 घंटे लगते हैं. ट्रेन से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग जाने में 2 घंटे और आगे जोशीमठ-बद्रीनाथ के लिए सड़क तक जाने में 4-5 घंटे लगेंगे. लेकिन नई रेल लाइन से बद्रीनाथ तक पहुंचने की दूरी आधी रह जाएगी. ऋषिकेश से केदारनाथ जाते समय गौरीकुंड तक जाने में 3.30 से 4.30 घंटे लगते हैं. रेललाइन बनने से यह यात्रा डेढ़ घंटे की रह जाएगी. हेमकुंड साहिब की यात्रा में 10-12 घंटे लगते हैं, लेकिन कर्णप्रयाग रेल लाइन से 5-6 घंटे ही लगेंगे. जिससे पंजाब और हरियाणा के सिख यात्रियों को फायदा होगा.
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