क्यों बुलंदशहर का ये 5 लाख की चोरी का मामला बना 'नजीर'! पहली बार ऐसे वापस मिला कैश

UP Bulandshahr News : नए कानून बीएनएसएस के तहत देश का पहला एक्शन हुआ। यूपी के इस जिले में सिर्फ 5 महीने में चोरी का केस सॉल्व हो गया और पीड़ित को चोरी हुई रकम वापस मिल गई। आइए जानते हैं कि कैसे सुलझा मामला?

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File Photo

UP Bulandshahr News (शाहनवाज) : यूपी के बुलंदशहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107(1) के तहत देश की पहली कार्रवाई की गई है। इसके तहत पीड़ित व्यापारी को उसकी चोरी हुई रकम सौंप दी गई। सिर्फ पांच महीने में कार्रवाई खत्म हो गई। इस एक्शन से न सिर्फ आम आदमी में न्याय को लेकर भरोसा जागेगा, बल्कि बदमाशों में भी खौफ बढ़ेगा। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?

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क्या है मामला?

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यह घटना बुलंदशहर के सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र की नवीन मंडी में 2 सितंबर 2024 को हुई थी। नौकर संदीप, अनुज सैनी और मोहसिन ने गल्ला व्यापारी हर्ष अग्रवाल की दुकान से 5 लाख की नकदी चोरी कर ली थी। ये तीनों नौकर हर्ष अग्रवाल की दुकान में काम करते थे। घटना के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों ने चोरी की गई रकम से एक केटीएम स्पोर्ट बाइक और एक मोबाइल खरीदा था। पुलिस ने मोबाइल और बाइक को बरामद किया और उनको नीलाम कर 2 लाख 17 हजार रुपये की रकम प्राप्त की। साथ ही आरोपियों से एक लाख कैश भी बरामद किया गया था। डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने नए साल पर बुधवार को व्यापारी हर्ष अग्रवाल को कलक्ट्रेट बुलाया और उन्हें 2 लाख 17 हजार रुपये चेक एवं एक लाख कैश सौंप दिया।

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पहले काटने पड़ते थे चक्कर

आईपीसी के तहत दर्ज मुकदमों में पीड़ित को लंबे समय तक कोर्ट कचहरी और पुलिस के चक्कर काटने पड़ते थे। कार्रवाई में देरी का आलम ऐसा था कि बदमाश लूटी, चोरी और गबन की गई रकम का इस्तेमाल पीड़ित के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई लड़ने में करता था। इससे पीड़ित का दोहरा नुकसान होता था। पहला- पीड़ित के पैसे देरी से मिलते, दूसरा- कोर्ट कचहरी के चक्कर में अपने जेब से पैसे खर्च करने पड़ते थे। BNSS की धारा 107(1) के तहत अब पुलिस प्रशासन माल बरामदगी होने पर कोर्ट की अनुमति के बाद पीड़ित को सिर्फ 60 दिन में क्षतिपूर्ति की रकम वापस कर सकता है।

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अब तक गुंडा एक्ट में पुलिस करती थी कुर्की

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अब तक पुलिस प्रशासन नीलामी की कार्रवाई गुंडा एक्ट के तहत करता था। गुंडा एक्ट की कार्रवाई में लंबा समय लगता था और पीड़ित को न्याय मिलने में काफी इंतजार करना पड़ता था। BNSS की धारा 107(1) के तहत कोर्ट की अनुमति के बाद सिर्फ 60 दिन में कार्रवाई करना अनिवार्य किया गया है। BNSS की धारा 107(1) के तहत पुलिस आरोपी से बरामद माल की नीलामी करती है और फिर जो रकम मिलती है, उसे पीड़ित को सौंप दी जाती है।

पीड़ित ने PM मोदी और अमित शाह को बोला शुक्रिया

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पीड़ित व्यापारी हर्ष अग्रवाल ने नए कानून बनाने को लेकर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का शुक्रिया अदा किया। हर्ष ने बताया कि उसकी चोरी हुई रकम नए कानून के तहत मिल पाई। अगर नया कानून अमल में न आया होता तो शायद ही उसकी चोरी की गई रकम मिल पाती। हर्ष ने डीएम, एसएसपी, सीओ और इंस्पेक्टर की सकारात्मक भूमिका की भी प्रशंसा की है।

यह देश का पहला मामला: डीएम

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बुलंदशहर के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि देश में पहली बार यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। BNSS की धारा 107(1) के तहत आरोपियों से माल की बरामदगी के बाद पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख कैश और 2 लाख 17 हजार का चेक सौंप दिया गया है।

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जानें क्या बोले एसएसपी?

एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि सिर्फ 5 महीने में पीड़ित तक उसकी चोरी की गई रकम सौंप दी गई। चोरों ने व्यापारी की रकम से एक बाइक और मोबाइल खरीद लिया था। बाइक और मोबाइल को नीलाम करने के बाद प्राप्त रकम को पीड़ित को सौंप दिया गया। BNSS की धारा 107(1) के तहत की गई कार्रवाई से बदमाशों के हौसले पस्त होंगे। साथ ही आमजन में कानून का राज स्थापित होगा।

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लेख समाप्त
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