हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

BHU ने बिना परमिशन काट दिए 33 पेड़? अब NGT वसूलेगा 2.65 करोड़ रुपये का हर्जाना; जानें क्या है मामला

याचिकाकर्ता और अधिवक्ता सौरभ तिवारी के अनुसार, कुछ वर्ष पहले परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. इसके बाद एनजीटी ने एक संयुक्त समिति गठित कर जांच कराई.

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) पर बिना परमिशन 33 हरे-भरे पेड़ काटने का आरोप लगा है. कथित तौर से अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के चलते अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है, एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को निर्देश दिया है कि वह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय से 2,65,06,877.08 रुपये का हर्जाना वसूल करे, और तीन महीने में ये प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए.

7 चंदन के पेड़ों की भी कटाई!


प्राप्त जानकारी के मुताबिक एनजीटी की संयुक्त जांच समिति ने बीएचयू परिसर में 33 पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि की थी. मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि विश्वविद्यालय परिसर में आम, गुलमोहर समेत विभिन्न प्रजातियों के कुल 33 पेड़ काटे गए थे. हैरानी की बात तो ये है कि इन 33 पेड़ों में सात चंदन के पेड़ भी शामिल थे. बीएचयू की ओर से दावा किया गया था कि चंदन के पेड़ों की चोरी हुई थी, लेकिन जांच समिति ने इस दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जैसे सुरक्षित परिसर में ऐसी घटना कैसे संभव हुई, इसकी स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़, दान गिनने वाले 23 कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा, जानें क्यों लिया गया फैसला?

विज्ञापन

छात्रों ने किया था पेड़ काटने का विरोध


इस मामले में याचिकाकर्ता और वकील सौरभ तिवारी के अनुसार, कुछ वर्ष पहले परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. इसके बाद एनजीटी ने एक संयुक्त समिति गठित कर जांच कराई. समिति की रिपोर्ट के आधार पर पिछले वर्ष 11 अगस्त को अधिकरण ने यूपीपीसीबी को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित कर बीएचयू से उसकी वसूली करने का निर्देश दिया था. हालांकि, तय समय के भीतर यह कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी.

यह भी पढ़ें: कोयला माफियाओं पर हंटर, CISF ने झारखंड-बंगाल में 428 टन अवैध कोयला किया जब्त!

विज्ञापन

एग्जिक्यूशन याचिका के बाद नोटिस जारी


सौरभ तिवारी ने बताया कि जब उन्होंने यूपीपीसीबी से कार्रवाई की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी, तब बोर्ड ने हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ और सर्वोच्च न्यायालय के कुछ आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि वह तत्काल वसूली की कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है. इसके बाद उन्होंने एनजीटी के आदेश के अनुपालन के लिए एक एग्जिक्यूशन याचिका दायर की. मार्च में इस पर सुनवाई हुई और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola