AKhilesh Yadav To Join Bharat Jodo Nyay Yatra In UP (रिपोर्ट- मानस श्रीवास्तव) : उत्तर प्रदेश में 16 फरवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा दाखिल होगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तरफ से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को निमंत्रण भेजा गया। निमंत्रण प्राप्त होने के कुछ ही घंटों के भीतर समाजवादी पार्टी ने ऐलान कर दिया कि वो इस निमंत्रण को स्वीकार करती है और अखिलेश यादव खुद राहुल गांधी की इस यात्रा में भागीदारी करेंगे।
सिर्फ अमेठी और रायबरेली ही क्यों?
कांग्रेस की तरफ से निमंत्रण तो पूरी यात्रा में शामिल होने का दिया गया था, लेकिन अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी की तरफ से जारी किये गये बयान में रजामंदी सिर्फ अमेठी और रायबरेली के लिये ही दी। एक तरह से अखिलेश यादव ने मास्टर स्ट्रोक खेलने की कोशिश की है। अखिलेश यादव कांग्रेस औऱ राहुल गांधी के पीछे चल कर समाजवादी पार्टी को कमजोर या पिछलग्गू नहीं दिखाना चाहते हैं। इसलिये सपा पूरी यात्रा में शामिल न होकर सिर्फ कांग्रेस की परपंरागत सीट यानी रायबरेली औऱ अमेठी में ही इसका हिस्सा बनेगी। ऐसा करने से सपा या अखिलेश को कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि इन सीटों पर पहले भी सपा अपने उम्मीदवार नहीं उतारती थी और आगे भी ऐसा नहीं करेगी।
इंडिया गठबंधन की मजबूती का जाएगा संदेश
दूसरी तरफ, गांधी परिवार की इस परंपरागत सीट पर अखिलेश और राहुल के साथ कदमताल करने से इंडिया गठबंधन की मजबूती का संदेश भी जायेगा, जिसका असर दूसरी सीटों पर भी नजर आयेगा। तीसरा सबसे बडा फायदा इंडिया गठबंधन पर सवाल उठाने वाले विरोधी दल भी खामोश हो जायेगे..
अखिलेश पहले ठुकरा चुके हैं कांग्रेस की अपील
दरअसल, भारत जोड़ो यात्रा के पहले चरण में यूपी के तीन जिलों से होकर जब ये यात्रा गुजरी थी, उस वक्त भी राहुल गांधी ने अखिलेश और मायावती दोनों को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि देश हित मे वो इस यात्रा मे शामिल हों, लेकिन दोनों ने ही यात्रा मे शामिल होने से इंकार कर दिया था और खत का जवाब खत से भेज कर सिर्फ शुभकामनाओं के साथ बात खत्म कर दी थी।
तीन दिन पहले तक अखिलेश यादव ये कह रहे थे कि कांग्रेस उन्हें कहां निमंत्रण भेजती है, जिसके बाद आज जब अखिलेश यादव को निमंत्रण दिया गया तो उन्होंने निमंत्रण स्वीकार करते हुये ये भी लिखा कि यूपी में प्रवेश करने के बाद राहुल गांधी की ये यात्रा पीडीए से जुड़ेगी और आपसी एकजुटता से ये आंदोलन और आगे जायेगा।