सिलिकोसिस नीति बन रही पीड़ित परिवारों की मददगार, मिल रही लाखों रुपए की मदद, जानें सफलता की कहानी

Rajasthan News

Rajasthan News: श्रमिक वर्ग के कल्याण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी दिशा में सिलिकोसिस नीति 2019 को लागू किया गया।

विज्ञापन

इस नीति के तहत खनन कार्य पत्थर घिसाई में लगे कामगारों की सिलिकोसिस बीमारी से मृत्यु होने पर उनके परिवार को 5 लाख रुपए तक आर्थिक सहायता के साथ विधवा पेंशन तथा पालनहार योजना में लाभ दिया जाता है।

विज्ञापन

जिला कलेक्टर को बताई अपनी पीड़ा

कोटा के अनन्तपुरा बरड़ा बस्ती निवासी संतोष मेहरा के पति मनोज मेहरा पत्थर घिसाई का काम कर अपने परिवार का गुजर बसर करते थे। लेकिन सिलिकोसिस बीमारी से उनकी मृत्यु होने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। संतोष को परिवार के पालन पोषण और भविष्य की चिंता सताने लगी।

उन्होंने जिला कलक्टर को अपनी पीड़ा से अवगत कराया। इस पर जिला कलक्टर ने अतिसंवेदनशीलता का परिचय देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्यवाही करते हुए पीड़िता को राहत देने के निर्देश दिए।

विज्ञापन

सिलिकोसिस नीति 2019 के तहत मिला लाभ

इस पर संबंधित विभाग ने मृतक मनोज मेहरा की स्वास्थ्य जांच के आधार पर सिलिकोसिस नीति 2019 के तहत सिलिकोसिस प्रमाण पत्र जारी होने पर 3 लाख रुपए एवं बीमारी से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अलावा परिवार को प्रतिमाह विधवा पेंशन तथा पालनहार योजना में आवेदन करवाकर आर्थिक सहायता से लाभान्वित किया।

सरकारी मदद से जीवन जीना हुआ आसान

संतोष का कहना है कि मेरे पति की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता लेकिन राज्य सरकार ने मुझे जो आर्थिक सम्बल दिया उससे मेरा और मेरे बच्चों का आगे का जीवन सुरक्षित हो गया है। वे प्रतिमाह विधवा पेंशन और पालनहार योजना में मिलने वाली राशि से अपना जीवन-यापन आराम से कर पा रही हैं। वे राज्य सरकार को सहारा बनने के लिए धन्यवाद देती हैं।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ